हरदोई। शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के दावों के बीच जनपद में संचालित मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं। इन आंकड़ों को देखकर लगता है कि कुछ विद्यालयों में तो सिर्फ मान्यता बचाने के लिए ही छात्रों का पंजीकरण करा दिया जाता है। माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध जनपद के तकरीबन 100 विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में विद्यार्थियों की संख्या 20 तक भी नहीं पहुंच सकी है। कई विद्यालयों में तो छात्र संख्या दहाई का अंक भी नहीं छू पाई है।
जिले में 632 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटर तक के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है। प्रतिवर्ष विद्यालयों को नई मान्यता जारी होती है, इससे इनकी संख्या हर वर्ष बढ़ जाती है। मगर जो विद्यालय पूर्व से संचालित है, उनमें विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इस वर्ष घोषित परीक्षा परिणाम में जिले के 108 ऐसे विद्यालय चिह्नित हुए हैं, जिनमें छात्र संख्या बीस से भी कम है। हाल यह है कि 41 विद्यालयों की छात्र संख्या दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंच सकी है। विद्यालय सिर्फ कागजों में ही बेहतर शिक्षा प्रदान करते नजर आ रहे हैं।
जिले के आदर्श गर्ल्स जनता उमावि में इस बार परीक्षा में एक विद्यार्थी पंजीकृत था, जो परीक्षा में शामिल हुआ और पास भी हो गया। विद्यालय का परीक्षाफल शत प्रतिशत हो गया।
एसजीएस एमएस उमावि भगवंत नगर में हाईस्कूल में दो विद्यार्थी पंजीकृत थे, मगर एक भी परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ। इसी प्रकार दो अन्य विद्यालयों में दो बच्चे पंजीकृत थे। मगर एक भी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।
रेडरोज पब्लिक स्कूल उमावि भकोरा में दो छात्र पंजीकृत थे, जिसमें एक परीक्षा में शामिल हुआ और वह पास हो गया। परीक्षाफल शत प्रतिशत रहा।
एक विद्यालय में एक, चार विद्यालयोंं में दो, छह विद्यालयों में तीन, आठ विद्यालयों में चार, सात विद्यालयों में पांच, एक विद्यालय में छह, चार विद्यालयों में सात, आठ विद्यालयों में आठ, दो विद्यालयों में नौ, सात विद्यालयोंं में दस, सात विद्यालयों में 11, सात विद्यालयोंं में 12, सात विद्यालयों में 13, पांच विद्यालयोंं में14, दो विद्यालयाें में 15, आठ विद्यालयों में 17, दो विद्यालयों में 18, दो विद्यालयोंं में 19 और पांच विद्यालयाें में पांच विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था।
विद्यालयों की समीक्षा की जा रही है। जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम है, उन्हें चिंहित किया गया है। इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। विद्यालयों में अध्ययन कार्य की समीक्षा की जा रही है। ऐसे विद्यालयों की मान्यता खत्म करने पर भी विचार हो रहा है।
बाल मुकुंद प्रसाद, डीआईओएस