फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: आरएल ग्लूकोज की चार बोतलों में मिला फंगस

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

हरदोई। मेडिकल कॉलेज की ओटी में इलाज के दौरान चार रिंगर लेक्टेट सोल्यूशन (आरएल ग्लूकोज) की बोतलों में फंगस पाया गया। इस बात की जानकारी होने पर स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। इसके बाद जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में इस सीरियल की आरएल ग्लूकोज की बोतलों की छानबीन की गई।
फैजाबाद लखनऊ की एक प्राइवेट कंपनी की ओर से हरदोई जिले को ब्रांच नंबर सी टू वी 20941 की 10,600 आरएल ग्लूकोज की बोतल आईं थीं। काॅरपोरेशन के प्रभारी शरस गुप्ता ने बताया कि सभी आरएल बोतलों को जिला अस्पताल महिला अस्पताल व सीएचसी पर भेज दी गई थी। इसी बीच तीन दिन पहले मेडिकल कॉलेज की ओटी में एक मरीज को आरएल की बोतल लगाने की तैयारी की जा रही थी।
विज्ञापन

इसी बीच डयूटी पर मौजूद डॉ. विकास चंद्रा ने आरएल की बोतल चेक की। उनका कहना उस आरएल की बोतल में फंगस दिखाई दी। इस बात की जानकारी सीएमएस को दी गई। इसके बाद इस सीरीज की सभी बोतल को हटाने के लिए कहा गया। वहीं सीएमडी के जिम्मेदारों ने बताया कि इस सीरीज की आरएल की बोतलें काफी दिन पहले आईं थीं जो अब स्टाॅक में नहीं हैं।

इन कारणों से होता है फंगस
डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि जब कोई आरएल की बोतल में लीकेज होती है। इसके अलावा सीलन में रहती है तो ऐसी अवस्था में आरएल की बोतल में फंगस हो जाती है। ओटी में जो भी फंगस युक्त बोतल मिली थी, उन्हें काट कर फेंक दिया गया था। जिसकी सूचना भी दे दी गई थी।
विज्ञापन

-
2024 में है एक्सपॉयरी
मेडिकल कॉलेज में जिस आरएल की बोतल में फंगस पाया गया है उसका निमार्ण 11 नवंबर 2022 में हुआ है। उसकी एक्सपॉयरी तिथि 10 अक्तूबर 2024 है।
वर्जन
आरएल की बोतल में फंगस होने की शिकायत आई थी। इसके बाद चेक कराया गया है। जो बोतल है इस तरह की थी। उन्हें हटा दिया गया है। अब दूसरी सीरीज की आरएल आ गई है। जो प्रयोग में लाई जा रही है।
डॉ. जेके वर्मा
सीएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें