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जलजले से दरकीं कस्तूरबा स्कूल की छतें

Sat, 25 Apr 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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जलजले से कस्तूरबा गांधी स्कूल की नवीन इमारत की छतें कई स्थानों पर दरक गईं। स्टैंड पर कस्तूरबा गांधी स्कूल की छत से पपड़ी गिरने पर जब टीचर्स ने देखा तो छत दरक गई थी। खौफजदा होकर सभी बच्चियों को बाहर मैदान में निकाल दिया गया।
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वाजिदनगर प्राथमिक स्कूल में भूकंप के झटकों से दीवारों पर लगी महापुरुषों की फोटो नीचे गिर गईं। अब्दुल्ला नगर, जूनियर हाईस्कूल पिहानी और बस स्टैंड पर भूकंप आते ही भगदड़ मच गई। दोबारा झटके आने की चेतावनी और इसके बाद से जारी अफवाहों से लोग खौफ का शिकार रहे।

पूरे क्षेत्र में दिन भर यही चर्चाएं होती रहीं। भयभीत लोग धार्मिक स्थलों पर पहुंच कर भूकंप दोबारा नहीं आने की प्रार्थना में लग गए। उध्ार, जमीन के दहलने की खबरों से खौफजदा होकर कई लोगाें के दिल भी दहल गए। काफी तो ऐसे भी थे जो उलझन, घबराहट का शिकार होकर डॉक्टरों के यहां भी पहुंच गए।
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दिल के मरीजों को इस कुरदती कहर की खबर ने खासा परेशान किया। अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सकों के यहां पिहानी व आसपास के गांवों से ऐसे मरीज भी पहुंचे जो जलजले के बाद उलझन, घबराहट से दहशतजदा हो गए। कइयों को उलटियां भी आईं या फिर दिल की धड़कनें खतरनाक हद तक तेज हो गई थीं।

इस बारे में सीएचसी अधीक्षक डा. जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह केवल दहशत का परिणाम हो सकता है। दहशत में उलझन और घबराहट जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। दिल के मरीजों को अचानक की ऐसी खबरें ज्यादा परेशान कर सकती हैं।
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