मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को बीएलओ ड्यूटी तथा
पंचायत राज विभाग द्वारा होने वाले रैपिड सर्वे में सफाई कर्मियों को लगाने
पर पंचायती राज विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (सफाईकर्मी) संघ ने विरोध
जताया है। जिला अस्पताल परिसर में बैठक कर सफाई कर्मियों ने दोनों
ड्यूटियों से मुक्त कराने की मांग की।
पंचायती राज विभाग चतुर्थ श्रेणी
कर्मचारी (सफाईकर्मी) संघ जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि ब्लाकों के कुछ
सफाई कर्मी बीएलओ ड्यूटी में लगे हैं, जिससे सफाई कार्य प्रभावित है, वहीं
अब पिछड़ी जाति कै रैपिड सर्वे में भी सफाई कर्मियों को लगाने की बात कही
जा रही है।
जिसकी वजह से गांवों में सफाई कार्य प्रभावित होगा, जबकि उक्त
कार्य सफाई कर्मी के जॉब चार्ट पर निर्धारित नहीं हैं। उनकी योग्यता के
अनुसार कार्य में त्रुटियां आ सकती हैं और उन्हें दंडित किया जा सकता है। जिलाध्यक्ष
ने डीपीआरओ से बात कर ड्यूटियों से सफाई कर्मियों को मुक्त कराने का
आश्वासन दिया और बैंक ऋण में आ रहीं कठिनाइयों पर डीपीआरओ को अवगत करवाने
की बात कही।
उन्होंने डीपीआरओ के औचक निरीक्षण में निलंबन और नोटिस की
कार्रवाई पर बताया कि सफाई कर्मियों को ग्राम प्रधान और एडीओ द्वारा अन्य
कार्य लेने से वह उपस्थित नहीं मिले। बैठक में उमेश वर्मा, अखिलेश, अनुज
कुमार, सरोज पाल, सर्वेश कुमार, मायाराम वर्मा व किशन कुमार आदि लोग मौजूद
थे।