अपर जिला जज कोर्ट संख्या 11 रवींद्र कुमार ने बुधवार को हत्या के मामले में दो सगे भाइयों सहित चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी ने बताया कि हरपालपुर थाना क्षेत्र के औहदपुर निवासी वादी मायादेवी उर्फ सुमित्रादेवी का पुत्र दिनेश 30 जुलाई 2014 को पिपरमेंट बेचकर दोपहर तीन बजे घर आ रहा था।
उसी समय हरपालपुर थाना क्षेत्र के हड़हा निवासी मनीराम व सुभाष पुत्रगण रामविलास व इसी थाना क्षेत्र के औहदपुर निवासी संतोष नाथ उर्फ बाबा पुत्र पुत्तू सिंह व लोनार थाना क्षेत्र के सदुल्लीपुर निवासी नरेश उर्फ रामनरेश पुत्र सियाराम गांव के किनारे सड़क पर मिले। सभी दिनेश को साथ ले जाकर गांव में ही स्कूल के पास जुआ खेलने लगे।
लेनदेन के विवाद में रात करीब नौ बजे दिनेश को सभी ने पीट दिया। उसके शोर मचाने पर मां मायादेवी पत्नी राजू मौके पर पहुंची लेकिन आरोपी रुके नहीं। मायादेवी चिल्लाती हुई भागकर घर गई और परिजनों को घटना के बारे में बताया। वह पुत्री संगीता को लेकर मौके पर गई तो देखा कि सुभाष उसके लड़के दिनेश का गला दबाए है।
नरेश और मनीराम दिनेश के पैर पर बैठे थे। दिनेश किसी तरह जान बचाकर भागा तो आरोपी भी उसके पीछे भागे। अंधेरा होने के कारण वादी व उसकी लड़की उन लोगों के पीछे नहीं दौड़ सकी। वह लड़के को तलाशती रही। रात डेढ़ बजे दिनेश का शव बबूल के पेड़ के नीचे पड़ा मिला।
वादी मां ने आरोप लगाया था कि चारों आरोपियों ने उसके लड़के की हत्या कर दी। अदालत ने साक्ष्य के आधार पर चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।