पिहानी। तालाब पोखर संरक्षण योजना के तहत नगर के चार तालाबों पर तकरीबन 75 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद सुंदरीकरण नहीं हो सका।
एक पर तो कुछ काम हुआ भी, लेकिन तीन अन्य पर केवल साफ सफाई के नाम पर ही 15 से 20 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। इनके साथ ही दोबारा डिमांड भेजी गई है।
तकरीबन चार वर्ष पूर्व शासन ने तालाब/पोखर संरक्षण योजना के तहत नगर के लोहानी तालाब, पक्का तालाब, नागर उत्तरी स्थित तालाब और सर्कसपुरवा में मजार के पास स्थित तालाब के सुंदरीकरण के खाके पर मोहर लगाई थी।
इसके साथ ही चारों तालाबों के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये मंजूर किए थे। प्रति तालाब 30 लाख रुपये जारी होने के बाद नगर पालिका ने सर्कसपुरवा, नागर उत्तरी और लोहानी तालाब पर दो वर्ष पहले कार्य भी शुरू करवा दिया था।
इनमें सर्कसपुरवा तालाब पर 30 लाख रुपये से केवल पश्चिम व दक्षिण के सिरे पर बाउंड्रीवाल और लाइट के साथ ट्रैक बन पाया है। शेष रकम बेंच और सफाई पर खर्च हो करने की बात बताई जा रही है। इस पर दो सिरों में काम अभी शेष है, जिसके लिए और रुपये की ईओ ने डिमांड भेजी है।
लोहानी में तालाब की केवल दो सिरों पर घेराबंदी हुई। उत्तर और पूरब में घेराबंदी अभी बाकी है। इस कार्य में लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर हो गए। सबसे दिलचस्प कार्य तो नागर उत्तरी तालाब का रहा।
यहां दो सिरों पर 10 से 15 सीढ़ियां बनाकर कार्य रोक दिया गया। इस के कार्य के साथ तालाब में सफाई के नाम पर तकरीबन 20 लाख रुपये खर्च हो गए।
सर्कस पुरवा तालाब समेत किसी भी तालाब में अब तक कोई ऐसा कार्य नहीं हुआ, जिसे सुंदरीकरण का नाम दिया जाए। फिर भी एक पर 15 से 20 लाख रुपये खर्च हो गए। रौजा सदर जहां से सटे पक्का तालाब पर अब तक एक रुपये भी खर्च नहीं किया गया।
कार्य को लेकर उठे सवालों पर हो चुकी जांच
तालाबों के सुंदरीकरण के नाम पर एक बड़ी रकम खर्च हो जाने के बावजूद सर्कस पुरवा तालाब के अलावा किसी भी तालाब की सूरत तक नहीं बदली है। सर्कस पुरवा तालाब पर अधूरा कार्य ही हुआ।
पूर्व में इसे लेकर उठे भ्रष्टाचार के आरोपों पर डीएम ने एक जांच समिति बनाई थी। टीम ने पिछले वर्ष यहां तालाबों पर पहुंच कर स्थलीय जांच भी थी, लेकिन जांच रिपोर्ट और इस पर कार्रवाई के परिणाम न ही नजर आते हैं और न ही इस बारे में ईओ अहिबरन लाल कुछ कहना चाहते हैं।
तालाब पर सवाल के जवाब में उनके पास जवाब के रूप में सिर्फ खामोशी है।
मामला संज्ञान में आया है। पिहानी ईओ से इस संबंध में डिटेल मंगाकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
-वंदना त्रिवेदी, एडीएम
इस पर कार्य के लिए पुरातत्व विभाग की एनओसी की दरकार थी। जब तक एनओसी मिली तब तक कोविड का प्रकोप होने से पालिका का कार्य बढ़ गया, जिसके चलते इस ओर ध्यान नहीं दिया जा सका।
अब हालात सामान्य हो चले हैं। कोशिश की जा रही कि नगर के तालाबों पर सुंदरीकरण कार्य को दोबारा रफ्तार दी जाए।
- अहिबरन लाल, अधिशासी अधिकारी, पिहानी पालिका