सवायजपुर। बीती 27 अक्तूबर को सवायजपुर निवासी किशोरी की डेंगू से मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की नींद खुली है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम किशोरी के घर पहुंची, लेकिन यहां टीम को चौकाने वाली जानकारी मिली। किशोरी के परिवार के चार और सदस्य डेंगू की चपेट में हैं। इन सभी का इलाज शाहजहांपुर में एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
सवायजपुर निवासी इस्लामुद्दीन की पुत्री समन अना (14) को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका उपचार कस्बे में ही करा रहे थे, लेकिन 27 अक्तूबर को हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे शाहजहांपुर रेफर कर दिया। शाहजहांपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सवायजपुर में उसका उपचार करने वाले चिकित्सक डा. आनंद कटियार का दावा है कि समन को डेंगू हुआ था। समन के परिवार में ही राबिया (26), आमिर (21), इस्लामुद्दीन (40) और आसिफ (25) को भी डेंगू हो गया है।
आमिर और इस्लामुद्दीन को डेंगू होने की पुष्टि रविवार को, जबकि राबिया और आसिफ को डेंगू होने की पुष्टि सोमवार को शाहजहांपुर के प्राइवेट अस्पताल में जांच के दौरान हुई। चारों का उपचार भी वहीं चल रहा है। सोमवार को सीएमओ कार्यालय से डाॅ. राजेश, डाॅ. सीबी सिंह ने सीएचसी अधीक्षक डाॅ. पराग कुमार के साथ समन के घर जाकर जांच की। इस दौरान उसके घर में कूलर और फ्रिज में पानी भरा मिला। इसमें लार्वा भी मिलने का दावा टीम ने किया है। इसके अलावा सवायजपुर निवासी श्यामा कुमार त्रिपाठी उर्फ मिल्लू के आवास पर भी टीम ने जांच की। उनके पुत्र रीतेश त्रिपाठी (20) को भी डेंगू की पुष्टि हुई और उसका उपचार भी लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
बुखार से दर्जी की मौत
गोपामऊ कस्बे के मोहल्ला लालपीर निवासी तौफीक (22) सिलाई कारीगर था। एक सप्ताह पहले उसे बुखार आया था। इलाज के लिए परिजनों ने हरदोई शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। राहत न मिलने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया था। सोमवार को लखनऊ में उपचार के दौरान तौफीक की मौत हो गई। तौफीक अविवाहित था और चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।