फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: ट्रिब्यूनल के फर्जी आदेश से संपत्ति सील और कब्जा कराने में चार पर रिपोर्ट दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप में चार लाेगोें के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामला शहर में घंटाघर रोड पर स्थित जमीन की कब्जेदारी से जुड़ा है। दावा है कि आरोपियों ने ट्रिब्यूनल के फर्जी आदेश के जरिए न सिर्फ उच्चाधिकारियों को बरगला दिया बल्कि जमीन पर बनी इमारत को भी सील करा दिया।
विज्ञापन


शहर कोतवाली क्षेत्र के कन्हईपुरवा निवासी अभिलाष चंद्र अग्रवाल ने पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर में बताया कि शहर में घंटाघर रोड पर गाटा संख्या 3054 उनके बाबा रामनारायण ने खरीदी थी। दावा है कि उक्त भूमि पर उनका कब्जा भी हमेशा से रहा। आरोप है कि उक्त भूमि पर रामजीत सिंह कब्जा करना चाहते हैं। इसके लिए रामजीत ने अधिवक्ता नवीन चंद्र के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र जिला जज के न्यायालय में दिया। इसमें दावा किया कि ट्रिब्यूनल (फास्ट ट्रैक मध्यस्थम अभिकरण) ने उक्त भूमि का कब्जा दिलाए जाने का आदेश किया है।
इसका क्रियान्वयन कराने के लिए डीएम और एसपी को निर्देशित करने की मांग भी की गई थी। यह आदेश 23 अप्रैल 2025 का बताया गया था। इसी आधार पर आरोपियों ने दबाव बनाकर 27 मई को अभिलाष अग्रवाल के उक्त भूखंड पर बने चैंबर का ताला तोड़कर कब्जा करने के इरादे से सील करा दिया। इसके बाद अभिलाष ने पड़ताल की, तो पता चला कि टिब्युनल संचालित ही नहीं है। दिए गए पते पर भी कोई कार्यालय नहीं मिला। इसके बाद इसकी शिकायत तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन से 24 जून को की गई।
विज्ञापन

उन्होंने सीओ सिटी अंकित मिश्रा को पुरे मामले की जांच सौंपी। जांच में पता चला कि फर्जी अभिलेखों के जरिए भूखंड पर बने अधिवक्ता के चैंबर को सील करा दिया गया था। सीओ सिटी ने बताया कि पूरे मामले में रामजीत सिंह, नवीनचंद्र, अनिल कुमार मिश्रा और अमित सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।


फर्जी ट्रिब्यूनल संचालित होने की आशंका, विवेचना में बढ़ेंगे नाम


सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि ट्रिब्यूनल के कार्यालय का पता अभिलेखों में दिया गया था। यह पते लखनऊ और दिल्ली के थे। दोनों ही जगहों पर अभिलाष के अलावा पुलिस टीम भी जांच के लिए गई थी। मौके पर ऐसा कोई ट्रिब्यूनल संचालित होता नहीं मिला। दोनों ही स्थान शटरनुमा दुकान निकले। इन पर सूचना चस्पा थी कि कोई डाक हो तो बिल्डिंग के सेक्योरिटी गार्ड को दे दें। सीओ का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि ट्रिब्यूनल के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अभी विवेचना में कुछ और नाम भी बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि एफआईआर में दो आरोपी अनिल मिश्रा और अमित सिंह भी हैं। अनिल और अमित को कथित ट्रिब्यूनल की तरफ से रिसीवर बनाए जाने के निर्देश थे।


27 सितंबर की रात गिरा दिया था भवन, उसमें भी दर्ज है एफआईआर
अभिलाष अग्रवाल के भूूखंड पर बने भवन को 27 सितंबर की रात जेसीबी से गिरवा दिया गया था। इस मामले में अभिलाष के सहयेागी अजय कुमार मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में रामजीत सिंह और शिवेेंद्र प्रताप सिंह को नामजद करते हुए 15 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें