आल टीचर इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में सदस्यों ने मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया गया। बाद में मुुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह को सौंपा गया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो एक मई को लखनऊ में विधानसभा के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांगों के समर्थन तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आल टीचर इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के बैनर तले विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि सबसे अहम मुद्दा पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन में सभी लोग एकजुट हैं।
जिला संयोजक डा. जैनुल खान ने कहा कि एक दिन का संासद और विधायक पूरी पारिवारिक पेंशन का हकदार है तो कर्मचारी व शिक्षकों को इससे वंचित क्यों किया गया। सिंचाई विभाग के धीरेंद्र सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल व त्रिपुरा में पुरानी पेंशन लागू है, लेकिन यूपी में इस पर रोक लगी है।
लेखपाल संघ के सदस्य सर्वेेश वर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन पाने के लिए सभी विभागों के कर्मचारियों को एक मंच पर आना होगा। इस मौके पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों को बुढ़ापे में दी जाने वाली पेंशन को समाप्त कर दिया गया है। इससे प्रदेश के नौ लाख कर्मचारियों और शिक्षकाें को निराशा है।
उन्होंने पुरानी पेंशन पुन: बहाल कराने की मांग की। इस मौके पर जिला मंत्री सायुज्य मिश्रा, डा. आशीष कुमार सिंह, विनोद मिश्रा, आकाश वर्मा, ओमप्रकाश कनौजिया, राजीव सिंह, अवनीश यादव, राजीव कुमार, निर्मेष पांडे, आशीष सिंह, सुबोध तिवारी, विवेक श्रीवास्तव, नीरज मिश्रा, अरुण मिश्रा, अनिल कुमार, अमित कुमार, प्रेमसिंह यादव, अवनीश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।