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फुटपाथों पर कब्जा, सुहाने सफर का सपना

Sun, 04 Jan 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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शहर की सड़कों तक फैली अतिक्रमण रूपी बीमारी यहां पूरी तरह से लाइलाज होती नजर आ रही है। इसके इलाज के लिए न तो नगर पालिका को चिंता है और न ही जिला प्रशासन को। लिहाजा यह बीमारी महामारी के रूप में सड़काें के फुटपाथों का निगलती जा रही है।
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आलम यह है कि करोड़ों रुपये खर्च कर शहर की सड़कों के फुटपाथों पर लगाई गई इंटरलाकिंग बेमतलब साबित हो रही है। फुटपाथों पर हुई इंटर लाकिंग के बाद कहीं ट्रक खड़े रहते हैं, तो कही बस और टैक्सी स्टैंडों का कब्जा है, तो कहीं धड़ल्ले से पटरी दुकानें चल रही और कहीं कहीं तो दुकानदारों ने ही फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है।

इससे पैदल राहगीरों से लेकर साइकिल सवारों का आवागमन मुश्किलों भरा होने के साथ सामान्य यातायात को डैंजर जोन में पहुंचा रहा है, जिससे आए दिन जाम तो लगता ही है। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गाहे बगाहे नगर पालिका एवं प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शहर में अतिक्रमण अभियान चलता तो है।
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मगर दो चार रोज में ही मामला बंद हो जाता है। लिहाजा शहर की सड़कों के फुटपाथ अतिक्रमण रूपी पहाड़ तले दब कर कराहते हुए इंसाफ मांग रहे है कि आखिर कब अतिक्रमण साफ होगा और फुटपाथ चमाचम नजर आएंगे। नुमाइश चौराहे से घंटाघर रोड होते हुए सोल्जर बोर्ड चौराहे तक फुटपाथ पर पूरी तरह से ट्रकों एवं बसों का कब्जा रहता है।

सड़क के दोनाें ओर ट्रकों बसों की मरम्मत करने वाली दुकानों के पास यह ट्रक एवं बसें खड़े रहते हैं, जिसके कारण फुटपाथ पर पूरी तरह से अतिक्रमण व्याप्त है। फुटपाथ पर लगाई गई इंटरलाकिंग यहां बेमतलब साबित हो रही है। नुमाइश चौराहे से पीडब्ल्यूडी तिराहे तक लाखों रुपये खर्च सड़क के दोनों ओर फुटपाथों पर इंटरलाकिंग लगाई गई, मगर यहां इंटरलाकिंग पर पैदल चलने वालों के लिए स्थान नहीं है, क्योंकि सड़क पर से ही बस अड्डों एवं टैक्सी स्टैंडों का संचालन हो रहा है, जिससे फुटपाथों पर पूरी तरह से अतिक्रमण है।  

नुमाइश चौराहे से सदर बाजार तक सड़क के दोनों ओर फुटपाथों पर दुकानदारों एवं पटरी दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिससे यहां भी इंटरलाकिंग सिर्फ अतिक्रमण करने के काम आने भर तक रह गई है। नुमाइश चौराहे से डीएम चौराहे तक सड़क के दोनों ओर फुटपाथ को चौड़ा करने के साथ बडे़ पैमाने पर चौड़ाई लेते हुए लाखों रुपये से इंटरलाकिंग का कार्य चल रहा है।

एक तरफ से इंटर लाकिंग का कार्य पूरा होता जा रहा है तो दूसरी तरफ से अतिक्रमण होता जा रहा है। यहां भी इंटरलाकिंग का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिखाई पड़ रहा है। अस्पताल तिराहा से लेकर पुलिस लाइन तिराहा तक लाखों रुपये खर्च कर फुटपाथ पर लगाई गई इंटर लाकिंग भी अतिक्रमण के पहाड़ तले दब गई है। इस सड़क पर जगह जगह अतिक्रमण है और टैक्सी स्टैंड संचालित हो रहे हैं।

शहर के व्यस्त रहने वाले क्षेत्र रेलवेगंज, जिंदपीर चौराहे से लेकर नघेटा रोड तक सड़कों पर अतिक्रमण हावी है। कहीं ट्रक खड़े रहते है तो कहीं दुकानें लगी है। चौराहोें के आस पास से टैक्सी स्टैंड चलाकर पूरी तरह से अतिक्रमण कर लिया गया है।

शहर के सिनेमा चौराहे से बड़ा चौराहे होते हुए डा. रामदत्त चौराहा तक की दूरी कमोवेश एक किमी से कम होगी, मगर इस दूरी को तय करने के लिए काफी समय महज इसलिए लगता है कि सड़क के दोनों ओर फुटपाथों पर अतिक्रमण है। यहां भी फुटपाथ अतिक्रमण से सिसक रहे हैं, पर इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उक्त प्रकरण तो महज बानगी हैं, जबकि पूरे शहर का हाल कुछ इसी तरह का है। किसी भी सड़क पर जाइए तो पता चलेगा कि करोड़ों रुपये खर्च कर लगाई गई इंटरलाकिंग राहगीरों एवं यातायात के काम आने की बजाय अतिक्रमण के काम आ रही है।
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