हरदोई। शहर से अलग-अलग जिलों के लिए संचालित प्राइवेट बसें फुटपाथ पर खड़ी रहती हैं। हाल ये है कि बस अड्डा संचालन के लिए यूनियनों के पास जगह तक नहीं है। ऐसे में मुसीबत राहगीरों को होती है। प्रशासन ने कुछ समय पूर्व बस अड्डों का संचालन बाहर से शुरू कराने की कवायद की थी, लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। फुटपाथ से लेकर मुख्य मार्गों तक बसें खड़ी रहने से जाम की समस्या भी होती है।
शहर से लखनऊ, शाहजहांपुर, सीतापुर, कन्नौज, लखीमपुर व फर्रुखाबाद के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होता है। हरदोई-शाहजहांपुर बस अड्डे को छोड़ दें तो अन्य किसी रूट पर बस अड्डों के संचालन के लिए यूनियन के पास जगह तक नहीं है। लगभग सभी प्राइवेट बस अड्डे फुटपाथ पर कब्जा कर संचालित किए जा रहे हैं। सिनेमा चौराहे से गोपामऊ, घंटाघर रोड से सीतापुर, गांधी मैदान के पास से माधौगंज, व शहीद उद्यान के पास लखीमपुर व पिहानी के लिए बस अड्डों का संचालन उदाहरण भर है। कई मार्गों पर ऐसा ही नजारा दिखता है। इसके कारण राहगीरों को फुटपाथ पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती है।
टैक्सियों के स्टैंड भी बने मुसीबत
टैक्सियों के स्टैंड भी सड़क किनारे फुटपाथों से संचालित किए जा रहे हैं। सुबह से लेकर रात तक फुटपाथ पर वाहनों का कब्जा रहता है, जिसके चलते दिन में अक्सर जाम लगा रहता है। इससे लोगों को परेशानी तो होती ही है, साथ ही प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित होता है। लगभग दो वर्ष पूर्व प्रशासन ने बस अड्डों का संचालन शहर के बाहर से कराए जाने की रूपरेखा बनाई थी, लेकिन बात सिर्फ बैठकों तक ही सीमित रही। कोशिश के बाद भी शहर के बाहर न तो जगह का इंतजाम किया जा सका और न ही अड्डो का संचालन बाहर से कराया जाना सुनिश्चित हो सका।
शहर के बाहर जगह न होने से समस्या
लखीमपुर प्राइवेट बस स्टैंड के मैनेजर कल्लू सिंह ने बताया कि शहर के बाहर जगह न होने के कारण ही अड्डे व बसों का संचालन शहर के अंदर से करना पड़ रहा है। अगर संबंधित रूट पर उपयुक्त जगह मिलती है, तो बसों का संचालन वहां से शुरू कराया जाएगा।