खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम को काला कानून करार देते
हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों और
व्यापारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया तथा
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप कानून में संशोधन करने
की जरूरत बताई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विमलेश
दीक्षित ने कहा कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम व्यापारिक हितों
में नहीं है, क्योंकि जो मानक लाइसेंस लेने व व्यापार करने के लिए बनाए गए
हैं, उनसे छोटे-छोटे व्यापारी काफी प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि छोटा
व्यापारी उक्त मानकों को पूरा न कर पाने से ऐसे लाइसेंस लेने में काफी पैसा
विभाग को सुविधा शुल्क के नाम पर देना पड़ता है।
जिससे छोटा व गरीब
व्यापारी वर्ग काफी आहत है। जिला महामंत्री अजय टंडन ने कहा कि शुल्क न
देने पर व्यापारी के यहां सैंपल लेने के नाम पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा,
जिससे कभी-कभी व्यापारी व विभाग के बीच टकराव की स्थिति भी आ जाती है। ऐसे
काले कानून में काफी सुधार करने की आवश्यकता है।
युवा जिलाध्यक्ष विभू
गुप्ता ने कहा कि इसलिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज कर व्यापारी हितों को
ध्यान में रखते हुए कानून में संशोधन कराने की मांग की जा रही है। उन्होंने
देश में व्यापारिक फोरम का गठन किए जाने पर बल दिया। इस दौरान व्यापारियों
और मंडल पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रमेश
मिश्र को सौंपकर संशोधन शीघ्र कराए जाने की मांग की।
इस मौके पर अनूप
गुप्त, सुरेंद्र सिंह, योगेंद्र मिगलानी, छोटेलाल, छविनाथ पाल, सुबोध
गुप्ता, सुमित अग्निहोत्री, घनश्याम त्रिपाठी, रमेश पाल सिंह, किरण सिंघल,
नीलम तिवारी, बेबो मिश्रा, नेहा शुक्ला, अमिता देवी और देवेंद्र मिश्रा आदि
व्यापारी मौजूद थे।