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Hardoi News: बाढ़ ने नींव और बारिश ने छत और दीवारों काे कमजोर किया, लोगों में चिंता

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हरदोई। बाढ़ प्रभावितों को पानी का भय सताने लगा है। नदियों के जलस्तर ने मकानों की नींव और बारिश ने छत और दीवारों को कमजोर किया है। बाढ़ और बरसात ने लोगों की चिंता और परेशानी दोनों बढ़ा दी हैं। बाढ़ ने फसलों को पहले ही खराब कर दिया अब जो भी बची है उसे बरसात और हवा ने खराब करना शुरू कर दिया है। बाढ़ प्रभावितों के सामने रसोई से लेकर मवेशियों के पेट भरने तक की समस्या मुंह बाए खड़ी हैं।
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पहाड़ों के साथ मैदानों में होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से एक बार फिर से जिले में प्रभावित नदियों के जलस्तर में चढ़ाव दिखा है। शनिवार को पिछले 24 घंटे में गंगा, रामगंगा और गर्रा के पानी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दो दिन की बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का असर गर्रा में फिर एक बार दिखने लगा है। शनिवार को पिछले 24 घंटे में गर्रा नदी के पानी में करीब 55 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गर्रा का पानी शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 145.20 मीटर गेज पर पहुंच गया है।
वहीं सांडी में केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 128.00 मीटर गेज पर आया है। गंगा के पानी में भी बढ़ोतरी हुई और पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 135.80 मीटर गेज और राजघाट पर 123.55 मीटर गेज पर आ गया है। रामगंगा का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर घाट पर 135.30 मीटर गेज पर आया है। वहीं गंगा नदी में नरौरा बैराज से 17,294 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि गर्रा नदी में उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 10,394 और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 19,483 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से कटरी और कटियारी के प्रभावित क्षेत्रों में फिर से पानी बढ़ने लगा है। वहीं लगातार हो रही बरसात ने प्रभावितों की परेशानी और बढ़ा दी है।
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नदियों के पानी में शनिवार को बढ़ोतरी हुई। शाहबाद, सवायजपुर और बिलग्राम एसडीएम से रिपोर्ट ली गई, स्थिति अभी नियंत्रण में है। अधिकारियों से कहा गया कि गांवों के जर्जर मकानों वाले परिवारों को आपदा की आशंका बताते हुए शरणालय में शिफ्ट होने के लिए प्रेरित किया जाए। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जाए। पीड़ितों को हरसंभव मदद समय से पहुंचाई जाए। -दीपाली भार्गव, एडीएम, वित्त एवं राजस्व
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