देहात कोतवाली क्षेत्र में रविवार की रात घटी घटना ने
पुलिस के सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी। कोतवाली से मात्र आधा किमी दूर
स्थित घटनास्थल पर बदमाश घटना को अंजाम देकर फरार हो गए और पुलिस को भनक तक
नहीं लगी। इससे एसपी भी खासे खफा है।
उन्होंने एएसपी की अगुवाई में पांच
टीम गठित कर खुलासे के निर्देश दिए और कोतवाल को भी हिदायत दी। फिलहाल
एएसपी पूर्वी बीसी दुबे ने कोतवाली मेें डेरा डाल दिया है। देहात
कोतवाली क्षेत्र में लूटपाट के बाद गृहस्वामी की हत्या के मामले ने पुलिस
महकमे की नींद उड़ा दी है।
पुलिस ने अज्ञात लोगों पर धारा 396 के तहत
रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से इलाके में दहशत है।
उधर, पुलिस अधीक्षक उमेश सिंह ने कोतवाल को पांच दिन के अंदर घटना का
खुलासा करने के निर्देश देते हुए एएसपी पूर्वी बीसी दुबे की अगुवाई में
खुलासे को पांच टीमें गठित की है।
पहली टीम के प्रभारी देहात कोतवाल अरुण
कुमार राय, दारोगा संतोष कुमार, दारोगा दिलीप कुमार और दो सिपाही, दूसरी
टीम में शहर कोतवाल नागेश मिश्र, एसएसआई सुरेश वर्मा, दारोगा राजेश्वर
प्रसाद, अमरपाल वर्मा हैं। वहीं, तीसरी टीम में कासिमपुर इंस्पेक्टर
परशुराम सिंह, जितेंद्र कुमार, राजकुमार।
चौथी टीम में टड़ियावां
थानाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता, अरविंद राना, रमेश गुप्ता और पांचवीं टीम में
क्राइम टीम प्रभारी माखन लाल कनौजिया, क्राइम ब्रांच के राजेंद्र यादव,
धर्मपाल, रामकृष्ण द्विवेदी आदि को लगाया गया है। एएसपी पूर्वी दुबे ने
बताया कि सभी टीमों को खुलासे के लिए लगा दिया गया है।