हरदोई। आवारा मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के लिए संचालित अस्थाई पशुआश्रयस्थल, कान्हा गोशाला के साथ ही स्थाई तौर पर वृहद गो-संरक्षण केंद्र की भी स्थापना कराई जा रही है। पांच और वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना कराई जाएगी। विभाग ने इसके लिए प्रक्रिया तेज कर दी है।
आवारा मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए स्थाई तौर पर वृहद गो-संरक्षण केंद्र स्थापित कराए जा रहे हैं। वृहद गो-संरक्षण केंद्र का निर्माण पशु पालन विभाग की ओर से कराया जाता है और इसका संचालन संबंधित ग्राम पंचायत को सौंपा जाता है। पशु पालन विभाग ने पांच और वृहद गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया तेज की है। इसमें विकास खंड अहिरोरी में बरखेरवा, टोडरपुर में शिरोमननगर, सांडी में संगैचामऊ, कोथावां में पिपरी और भरावन में भटपुर में वृहद गो-संरक्षण केंद्र की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित कराते हुए शासन को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। पशु पालन विभाग ने प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है।
बताया गया कि आठ वृहद गो-संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं और छह वृहद गो-संरक्षण केंद्र संचालित कराए जा रहे हैं। सीवीओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि एक वृहद गो-सरंक्षण केंद्र की लागत 1.60 करोड़ तय है। जल्द ही स्वीकृति के साथ ही कार्यदायी संस्था नामित होने की उम्मीद है।