तहसील के पुराने भवन में खाली पडे़ चार कमरों में
बीती रात आग लग गई, जिससे उन पर पड़ी टीन शेड व दरवाजे, खिड़की जल गये। आग
में इन कमरों में लगा पुराना फर्नीचर व रखे कागज आदि जल गए। इन कमरों के
पड़ोस में स्थित चकबंदी कार्यालय व न्यायालय आग से बाल बाल बच गए।
घटना
की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम व सीओ ने मौके पर पहुंच कर मामले की
जानकारी की। तहसीलदार ने बताया कि मामले में साजिशन आग लगाए जाने के लिए
अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, एडीएम विजय कुमार गुप्ता ने
भी घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की जानकारी की।
आग से जले कागज आदि में
अभिलेख आदि न होने की बात कही गई है। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात के
बाद पुरानी तहसील के अंदर से धुआं और लपटें देखकर आस पास के लोगों में
हड़कंप मच गया। इस दौरान जानकारी पर एसडीएम, तहसीलदार व कोतवाली पुलिस तथा
सीओ भी मौके पर पहुंच गए।
तत्काल दमकल को सूचना दी गई। करीब दो घंटे की
मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। तहसील का यह भाग इन दिनों खाली पड़ा
था। इस भाग पर सीमेंट की चादरों से छत बनी हुई थी तथा कमरों में पुराने
कागजात व कूड़ा कबाड़ भरा हुआ था। एक कमरे में चकबंदी का पुराना तखत व कुछ
पुराने फर्नीचर भरे थे।
वे सब जलकर राख हो गए और छतों पर पड़ी सीमेंट की
चादरें भी जलकर धराशाई हो गयीं। रात ही में एसडीएम संजीव सिंह व तहसीलदार
आशाराम वर्मा तथा सीओ चरन सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार आशाराम
वर्मा ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध षड्यंत्र पूर्ण तरह से आग लगाने का
मामला पुलिस में दर्ज करा दिया गया है।
उधर, चकबंदी अधिकारी पीके अग्रवाल
ने बताया कि उनके न्यायालय के सभी अभिलेख व न्यायालय की पत्रावलियां
सुरक्षित हैं। उनको कोई क्षति नहीं पहुंची है। बगल के कमरे में एक पुरानी
दरी, पुराना तखत व एक दो पुरानी टूटी कुर्सियां जल गयी हैं, जिसकी लिखित
सूचना उन्होंने तहसील में दे दी है।