हरदोई। माधौगंज विकास खंड में तैनात ग्राम सचिव के भाई की फर्म को क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों से कार्य देकर भुगतान किए जाने के मामले में डीएम ने सख्त कार्रवाई की है। अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर कराई गई जांच में नियमों के विपरीत काम और फर्म को भुगतान देने की पुष्टि हुई है। इसी पर डीएम ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारियों, लेखाकार, ग्राम सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने और झूठा शपथपत्र देने के आरोप में ग्राम सचिव के भाई पर भी एफआईआर दर्ज कराने के आदेश हुए हैं।
अमर उजाला ने 29 सितंबर के अंक में खुलासा किया था कि माधौगंज विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी ब्रजेंद्र पाल सिंह के भाई सतेंद्र कुमार की फर्म मेसर्स नवप्रभात कंस्ट्रक्शन को क्षेत्र पंचायत निधि और ग्राम पंचायत निधि से बड़े पैमाने पर भुगतान किया गया। सिर्फ क्षेत्र पंचायत निधि से ही चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 17 लाख रुपये का और बीते वित्तीय वर्ष में 32 लाख 25 हजार रुपये का भुगतान हुआ।
खबर को संज्ञान में लेकर डीएम एमपी सिंह ने सीडीओ सौम्या गुरुरानी को कमेटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। जिला विकास अधिकारी, ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक और उपायुक्त जीएसटी (व्यापार कर) की टीम ने जांच कर रिपोर्ट सीडीओ के माध्यम से डीएम एमपी सिंह को भेजी थी।
डीएम ने मंगलवार को बताया कि संबंधित फर्म का पंजीकरण क्षेत्र पंचायत, मनरेगा और ग्राम पंचायत में करने वाले तत्कालीन खंड विकास अधिकारी के साथ ही भुगतान करने वाले सभी खंड विकास अधिकारी, सभी लेखाकार, ग्राम पंचायत अधिकारी ब्रजेंद्र पाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
डीएम के मुताबिक, ग्राम पंचायत अधिकारी के भाई और फर्म के प्रोपराइटर सतेंद्र कुमार के खिलाफ झूठा शपथ पत्र देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की जाएगी। उनकी फर्म भी ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की है। फर्म को किए गए भुगतान पर उपायुक्त जीएसटी को पूरी देयता की वसूली करने के निर्देश भी दिए हैं।