जिलाधिकारी रमेश मिश्र ने सोमवार को नलकूपों के
ऊर्जीकरण एवं पालिका की पाइप पेयजल योजना की समीक्षा की। इस दौरान भट्टा
पुरवा रेलवेगंज समेत जल निगम की चार खराब व अर्द्धनिर्मित पाइप पेयजल
योजनाओं पर नाराजगी जताते हुए एक्सईएन जल निगम पर एफआईआर कराने के निर्देश
दिए।
कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम के तेवर तीखे नजर आए।
उन्होंने नगरीय पाइप पेयजल योजना की समीक्षा करते हुए भट्टा पुरवा, बक्शा
पुरवा, रेलवेगंज समेत चार खराब एवं अर्द्धनिर्मित पाइप पेयजल योजनाओं पर
नाराजगी जताते हुए एडीएम लक्ष्मी शंकर सिंह को निर्देश दिए कि वह अधिशासी
अभियंता जल निगम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं।
ट्यूबवेल ऊर्जीकरण के संबंध
में डीएम ने अधिशासी अभियंता प्रथम व द्वितीय को सख्त निर्देश देेते हुए
कहा कि सिंचाई व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए सभी 70 ट्यूबवेलों को
ऊर्जीकरण कराएं। उन्होंने अधिशासी अभियंता नलकूप एके पांडेय को निर्देश दिए
कि विद्युत विभाग द्वारा जिन 25 ट्यूबवेलों को ऊर्जीकरण कराने का दावा
किया जा रहा है, उसकी जांच कर उन्हें शाम तक रिपोर्ट मुहैया कराएं।
नलकूपों
के ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी के बाबत डीएम ने कहा कि तेल चोरी की
रिपोर्ट नलकू प के जिलेदार व विद्युत विभाग के जेई द्वारा लिखाई जाएगी।
संबंधित सीओ दर्ज एफआईआर पर कार्र्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करवाएंगे।
इस मौके पर आईएएस अविनाश कुमार, अधिशासी अभियंता प्रथम एसके श्रीवास्तव,
द्वितीय आरवी कटियार, अधिशासी अभियंता जलनिगम सूर्यबली आनंद के अलावा नलकूप
विभाग के जेई भी मौजूद थे।
उधर, अधिशासी अभियंता जलनिगम सूर्यबली आनंद ने
कहा कि जिन मामलों पर डीएम ने नाराजगी जताई वह उनके
कार्यकाल से पहले के
है। वह जिले में करीब 2 वर्षों पहले आए थे। फिर भी उन्होंने इन चारों
मामलों में एक सप्ताह के अंदर जांच पूरी करने की बात कही थी। कहा कि यह
नलकूप पालिका को हैंडओवर किए जा चुके हैं, किस स्तर पर कमी है, इसकी जांच
के बाद ही स्थिति साफ होगी।