बेनीगंज (हरदोई)। कस्बा निवासी युवक की दिल्ली में बीमारी से हुई मौत के बाद शुक्रवार को शव घर पहुंचा तो पिता ये दर्द बर्दाश्त न कर सका। बेटे का शव देखते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही पिता की सांसें भी थम गईं। बाप-बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
मूल रूप से संडीला के ग्राम शेखवापुर निवासी मूलचंद्र (60) परिवार के साथ कस्बे में बेलहैया रोड पर रहते थे। उनका बेटा मनोज (40) दो अन्य भाइयों के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। दो बेटे कस्बे में ही मूलचंद्र का साथ रहते थे। गुरुवार को दिल्ली में बीमारी के कारण मनोज की मौत हो गई। परिजन शुक्रवार सुबह शव लेकर घर पहुंचे। पिता मूलचंद्र ने बेटे का शव देखा तो वह गश खाकर गिर पड़े। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन उनकी मौत हो गई। छोटे बेटे सुधीर ने बताया कि मनोज की पत्नी की काफी पहले ही मौत हो चुकी है। उसका एक बेटा है। दोपहर को पिता-पुत्र की अर्थी घर से एक साथ निकली तो सभी की आंखें नम हो गईं। दोनों का कानपुर के नानामऊ घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना के बाद मोहल्ले में भी मातम छा गया।