ससुराल में मिली थी धमकी, फंदा लगाकर दे दी थी जान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पिता रामपाल व उसकी पुत्री सीमा की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी है।
सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के मिरगांवा गांव निवासी लालाराम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 26 मई 2025 को पुत्र राजबहादुर अपनी पत्नी सीमा को विदा कराने मझिला थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव गया था। वहां पर उसके ससुर रामपाल, पत्नी सीमा व सीमा के कथित प्रेमी अजीत से विवाद हो गया था। तीनों ने मिलकर धमकाया था। इसी कारण से राज बहादुर ने ससुराल में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
मझिला पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था। घटना की सूचना रामपाल ने मोबाइल से दी थी। आरोप है कि उसकी पत्नी सीमा घटना से पहले कथित प्रेमी अजीत के साथ चली गई थी। वापस आने पर झगड़ा भी हुआ था। पुलिस ने रामपाल, सीमा और अजीत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। रामपाल और सीमा के अधिवक्ता ने न्यायालय में उपस्थित होकर जमानत अर्जी दाखिल की। कहा कि राज बहादुर शराब पीने का आदी था। इसीलिए फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।