संडीला। कृषि विज्ञान केंद्र में शनिवार को फसल अवशेष प्रबंधन परियोजना के तहत जागरूकता एवं कृषि चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान शामिल हुए। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पंकज नौटियाल ने फसल अवशेष प्रबंधन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। डाॅ. संजय अरोरा ने जैविक अपघटक के उपयोग और विधियों की जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. अतुल कुमार सिंह ने जीरो टिलेज विधि से खेती की लागत में कमी और समय बचाने के लाभ बताए। मृदा विशेषज्ञ डॉ. त्रिलोक नाथ राय ने अवशेषों के खेत में उपयोग से मृदा की गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। अन्य विशेषज्ञों ने मत्स्य पालन और उन्नत सिंचाई विधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस मौके पर मोहित सिंह, प्रमोद सिंह, रविकांत मिश्रा, धीरज सिंह चौहान आदि लोग मौजूद रहे।