कुदरत की मार से जूझ रहे किसानों को अब बीज का संकट
सता रहा है। आलम यह है कि किसी भी सरकारी कें द्र पर मक्का, दलहन, तिलहन व
साग सब्जी का बीज अभी तक नहीं पहुंचा। जिन केंद्रों पर धान का बीज पहुंचा
है, वहां बीज पर नगद छूट न मिलने के कारण किसान लेने से कतरा रहा हैं।
विभागीय अफसरों का दावा है कि जिन किसानों का केंद्र पर पंजीकरण किया गया
है। उन्हें धान के बीज की सब्सिडी खाते के माध्यम से भेजी जाएगी। फिलहाल
सूखे के बाद बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों के नुकसान की चोट खाए किसान
परेशान नजर आ रहा हैं। शुक्रवार को जिले के कुछ केंद्रोें का जायजा लिया तो
हकीकत देखने को मिली।
सरकारी बीज भंडार बिलग्राम पर बैनर लगाकर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि किसानों का आनलाइन
पंजीकरण कर रहे थे। बीज भंडार के प्रभारी बृजपाल सिंह ने बताया कि केंद्रों
पर प्राइवेट कंपनियां ही बीज बेचेंगी और किसानों के खातों में सब्सिडी
आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि धान पर एक एकड़ में 6
किलोग्राम तथा मक्का पर एक एकड़ में 10 किलोग्राम बीज देने का प्रावधान
किया गया है। राजकीय कृषि बीज भंडार मल्लावां केंद्र पर न
तो स्टाक बोर्ड लगा था न ही यहां कोई किसान नजर आया। पूछने पर केंद्र
प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि धान के अलावा अन्य कोई बीज अभी उनके केंद्र
पर नहीं आया। धान का बीज उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनका पंजीकरण पूर्व में
किया गया था।
धान का कितना बीज केंद्र पर आया, इस पर गोल मोल जवाब देने
लगे। कहा कि जो किसान धान का बीज लेगा सब्सिडी उसके खाते में जाएगी। राजकीय कृषि बीज भंडार माधौगंज पर भी स्टाक बोर्ड नहीं था। धान के अलावा अन्य किसी फसल का बीज न
होने की जानकारी केंद्र प्र्रभारी ओमपाल सिंह ने दी।
उन्होंने कहा कि धान
का बीज 20 मई तक बंटेगा। इसके बाद मक्का के बीज की आने की संभावना है। इस
केंद्र पर अब तक केवल दो किसानों में रमेश चंद्र और राजनलाल ने ही धान का
बीज खरीदा है। वहीं पांच बीज कंपनियों के स्टाल भी यहां लगे नजर आए।
कटियारी
क्षेत्र में स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार हरपालपुर पर धान के अलावा अन्य किसी फसल का बीज मौजूद
नहीं मिला। पूछने पर केंद्र प्रभारी दशरथ सिंह ने कहा कि धान की तीन
वैरायटी का 180 क्विंटल बीज प्राप्त हुआ है, पर किसान अभी तक धान का बीज
नहीं ले रहा है। 20 मई के बाद मक्का का बीज आने की संभावना है।
अन्य फसलों
के बीज कुछ समय बाद आएंगे। फिलहाल इस केंद्र पर स्टाक बोर्ड नहीं नजर आया। राजकीय कृषि बीज भंडार बावन पर धान का बीज आया, पर अनुदान की सूची न मिलने के कारण उसका
वितरण शुरू नहीं हो सका। केंद्र प्रभारी महेश चंद्र शाक्य ने कहा कि जिस
किसान ने पहले बीज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, उसी को धान का बीज उपलब्ध
होगा। अन्य किसी फसल का बीज केंद्र पर नहीं आया।
राजकीय कृषि बीज भंडार भरखनी पर 712 पंजीकृत किसानों को धान का बीज वितरित करने के लिए 7
कंपनियों को नामित किया गया है, पर किसानों के बीज लेने न आने के कारण पांच
कंपनियों ने अभी स्टाल भी नहीं लगाए। प्रभारी कुसमेंद्र सिंह चौहान ने
बताया कि इस वर्ष बारिश कम होने की आशंका से किसान धान का बीज लेने कम आ
रहे हैं।
कृषि रक्षा इकाई कछौना केंद्र पर धान का बीज
तो मौजूद है, पर मक्का, दलहन और तिलहन का बीज इस केंद्र पर नहीं आया।
केंद्र प्रभारी ने बताया कि आज 35 किसानों ने धान लिया है, पर गत वर्ष के
सापेक्ष इस वर्ष बिक्री धीमी है।