माधौगंज मंडी में धान खरीद के अभिलेख देखते डीएम अविनाश कुमार। संवाद
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हरदोई। सरकारी क्रय केंद्रों पर अधिक धान बेचने वाले किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कराने का निर्णय प्रशासन ने लिया है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले बीस किसानों को चिह्नित कर इनके खेतों का खसरा निकलवाने और स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश डीएम ने दिए हैं। इसकी जानकारी मिलते ही किसानों के नाम पर हावी बिचौलियों में खलबली मच गई है।
जनपद में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद को लेकर शाहाबाद और हरदोई गल्ला मंडी में आए दिन हंगामे की जानकारी मिल रही है। प्रशासन को पता चला था कि कुछ किसान कई-कई बार सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेच चुके हैं। ये किसान अभिलेख और उपज तो लाते हैं, लेकिन जिसके नाम अभिलेख होते हैं वह मौके पर नहीं मिलता है।
ऐसे में प्रशासन ने शाहाबाद और हरदोई मंडी में बने सरकारी क्रय केंद्रों पर सबसे अधिक धान बेचने वाले बीस किसानों को चिह्नित किया गया है। इन सभी के खेतों के अभिलेख संबंधित तहसीलों को भेजे गए हैं। उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित किसान के खेत के खसरा निकलवा लिए जाएं। लेखपाल सत्यापन करेंगे कि संबंधित किसान ने खेत में धान की पैदावार की भी है या नहीं।
खामी पर दर्ज होगी एफआईआर : डीएम
जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि हर किसान का धान सरकारी केंद्र पर खरीदे जाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन किसानों की आड़ में बिचौलियों को खेल नहीं करने दिया जाएगा। अधिक धान बेचने वाले किसानों के खसरा निकलवाए जा रहे हैं। अगर कोई भी खामी मिली तो एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों का धान खरीदने में कोई समस्या नहीं है।