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मौसम के सितम से बढ़ी किसानों की धड़कन

Wed, 28 Oct 2015 10:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
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मौसम ने अचानक करवट ली है। बुधवार को बादलों की गरज के साथ पड़ी बौछारें हर लिहाज से सितम ढाने वाली रहीं। खास तौर खेती किसानी को लेकर मौसम के तेवरों ने किसानों की धड़कन बढ़ा दी। हरपालपुर समेत कई ग्रामीण इलाकों में किसानों के खेत में खड़ी फसल बिछ गई।
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बताते चलें कि इस समय धान की कटाई के साथ उसे बाजार में बेंचने का सिलसिला चल रहा है तो आलू सहित अन्य फसलों की बुवाई हो रही है। ऐसे में बारिश जहां धान और आलू के लिए प्रमुख रूप से नुकसानदायक है तो वहीं सरसों एवं लाई के लिए भी फायदेमंद नहीं है। यही कारण है कि बुधवार सुबह आसमान में काले घने बादल गरजने के साथ बरसने लगे तो किसानों में

खलबली मच गई। लोगों ने भगवान से बारिश न होने की दुआएं कीं। दरअसल इस समय बारिश होने का मतलब सीधे तौर पर धान आदि को नुकसान पहुंचना है। धान में नमी के चलते पहले से ही बाजार में उसका मूल्य समर्थन मूल्य के मुकाबले काफी कम चल रहा है। ऊपर से यदि बारिश से धान भीगता है तो फिर बाजार में उसका मूल्य औना पौना भी नहीं रह जाएगा। इसके
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साथ ही तेज बारिश से आलू तथा सरसों को भी नुकसान पहुंचना तय है। वैसे शहर में दिन भर बादल छाए रहे मगर मामला बूंदाबांदी और बौछारों तक सिमट जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। अलबत्ता पारा गिरने से लोगों को ठंडक महसूस हुई। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने के समाचार है जिससे किसानों की धुकधुकी बढ़ी रही। तापमान का अधिकतम स्तर 24.0 एवं न्यूतम 16.0 डिग्री सेल्सियस रहा ।
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