पूछताछ करती आकांक्षा समिति की अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
आकांक्षा समिति की अध्यक्ष ने शुक्रवार को महिला थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति और सुलह समझौते से निपटाया जाए।
आकांक्षा समिति की अध्यक्ष अनु वार्ष्णेय ने महिला थाने के निरीक्षण के दौरान वहां पर मौजूद पीड़ित महिलाओं की समस्या सुनीं। उन्होंने थानाध्यक्ष को पारिवारिक विवाद आपस में सुलह समझौता कराके निपटाने के निर्देश दिए।
थाने में उन्हें घर से भागी चार बालिकाएं मिली, जिनको उन्होंने समझाया और पुरानी बातों को भूल कर पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देकर आत्म निर्भर बनने को कहा। इस पर चारों बालिकाएं अपने माता पिता के साथ जाने को तैयार हो गई। उन्होंने माता पिता को भी बेटियों को प्यार से रखने की हिदायत दी।
इसके बाद उन्होंने कांशीराम कालोनी स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। वहां पर पंखे और फस्टएड बाक्स की व्यवस्था न होने पर तत्काल व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने वहीं पर चल रहे विकलांग शिविर का भी जायजा लिया। इसके बाद महिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
जहां पर सीएमएस को निर्देशित किया कि रेप से पीड़ित महिला/बालिकाओं का मेडिकल प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, जिससे दोषी के खिलाफ साक्ष्य मिल सके। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी पवन द्विवेदी, सीडीपीओ सुरसा प्रियंका गुप्ता, थानाध्यक्ष नमिता सिंह आदि मौजूद रहीं।