संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों को सार्वजनिक स्थानों पर बनवाए जाने की दिशा में ग्रामीण क्षेत्रों में काम शुरू हुआ। मनरेगा मद से मॉडल शाप के निर्माण के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर तकनीकी स्वीकृतियां जारी की जाने लगी हैं। एक मॉडल शाप का निर्माण 650 वर्ग मीटर में कराया जाएगा। इससे उचित दर विक्रेताओं को खाद्यान्न के भंडारण व वितरण में समस्या नहीं होने पाएगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर गांव की राजनीति के चलते बड़ी संख्या में लोगों की ओर से उचित दर विक्रेता के घर पर खाद्यान्न न लिए जाने के दृष्टिगत शासन ने सार्वजनिक स्थानों पर मॉडल शाप निर्माण की व्यवस्था दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मद से काम कराया जाना है, जबकि निकाय में नगरीय निकायों के माध्यम से काम कराया जाना है। प्रथम चरण में मनरेगा मद से 63 मॉडल शाप के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 38 के निर्माण के प्रस्ताव मनरेगा सेल को प्राप्त हो गए हैं।
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उचित दर विक्रेताओं को नहीं भा रहा मॉडल शाप का कांसेप्ट
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाइसेंस धारक उचित दर विक्रेताओं को सार्वजनिक स्थानों पर मॉडल शाप का कांसेप्ट भा नहीं रहा है। उचित दर विक्रेता इसका अंदर ही अंदर विरोध भी कर रहे हैं। प्रधानों पर दबाव बनाए हुए हैं कि दुकान निर्माण के लिए ग्राम समाज की भूमि का प्रस्ताव ही न करें। इससे मॉडल शाॅप बनेगी नहीं और वह अपने घर से ही दुकान का संचालन करते रहेंगे।
वर्जन
मॉडल शाप की डीपीआर प्राप्त होने पर परीक्षण के बाद तकनीकी स्वीकृतियां जारी की जा रहीं हैं। 38 गांवों में मॉडल शाप के लिए भूमि का चयन करा लिया गया है। मॉडल शाप का निर्माण 7.83 से 8.38 लाख लाख की लागत से कराए जाने की डीपीआर प्राप्त हुईं हैं। संडीला के सांक में 7.83 लाख और टोडरपुर के बक्शीपुर, भदेउना, कपूरपूर बहोरन, कुसुमा व पिस्तिया में 8.38 लाख की स्वीकृति जारी की गई है।
आरपी सिंह, श्रम रोजगार उपायुक्त