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नुमाइश मेला और रामलीला का आगाज आज

Sun, 24 Jan 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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जनपद अगले दो माह तक बेहद खास होने जा रहा है, लोगों को मनोरंजन का भरपूर साधन मिलने के साथ ही खरीददारी करने के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। जनपद की ऐतिहासिक सौ वर्षों से अधिक पुराने नुमाइश मेला और रामलीला का आगाज रविवार से होगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि बहादुर श्रीवास्तव ने नुमाइश मेले की शुरूआत कराई थी, जिसके बाद से निरंतर जनवरी के एक पखवारे के बाद से होली के पहले तक मेले का आयोजन होता है। जिसमें प्रभु श्रीराम की जीवन की लीलाओं का जीवंत मंचन का प्रदर्शन होता है, साथ ही तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। नुमाइश मेले में रामलीला का श्रीगणेश रविवार से होगा, जिसके लिए तैयारियां जोरों पर है।
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मेले के आयोजन को कार्यों ने पकड़ी गति
जिले की ऐतिहासिक नुमाइश मेला को सिर्फ एक ही दिन शेष रह गया है ऐसे में रामलीला व मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हालांकि कुछ दिन पहले हुई बारिश से मेले की तैयारियों में थोड़ा खलल पड़ा। लेकिन धूप निकलने और मशीन से पानी बाहर करने के बाद अब मैदान काफी हद तक सूख चुका है। शनिवार को रामलीला परिसर की साफ सफाई कराने और द्वार बनाए जाने को लेकर कर्मचारियों ने सुबह से ही काम शुरू कर दिया। देर रात तक रामलीला मैदान पर काम होता रहा।

आकर्षण है राम बारात
जनपद में होने वाली रामलीला की सबसे भव्य आयोजन राम बारात है। राम बारात में जनपद सहित शाहजहांपुर और सीतापुर के बैंड शामिल होते हैं। बारात में 50 से 60 झांकियां शामिल होती हैं जिसमें कलाकार ही देवी देवताओं का रूप धरते हैं। नुमाइश मैदान से ही शुरू होने वाली राम बारात पूरे शहर के तमाम प्रमुख मार्गों का भ्रमण करती है जिसका रूट आज भी एक सैकड़ा वर्ष पुराना है और बारात को देखने के जनपद के सुदूर क्षेत्रों के लोग आते हैं। इस बार राम बारात का 10 फरवरी को नुमाइश मैदान से निकलेगी।
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लंका दहन और रावण वध भी जुटती भीड़
रामलीला में द्वितीय आकर्षण का केंद्र लंका दहन और रावध वध है। खास बात है कि यहां पर फरवरी माह में रावण का 45 फीट का पुतला फूंका जाता है और विशेष आतिशबाजी होती है। इसी प्रकार लंका दहन के दौरान भी सोने की लंका का प्रारूप तैयार कर आग लगाई जाती है और विशेष आतिशबाजी होती है। लंका दहन 26 फरवरी को जबकि रावण वध व पुतला दहन चार मार्च को होगा। जिसको देखने के लिए भी दूर दूर से भीड़ एकत्रित होती है।

विशेष कार्यक्रमों में होते कई आयोजन
मेला श्रीराम लीला कमेटी के आयोजनों की बात करें तो रामलीला के साथ रात्रि में कृष्ण लीला व पौराणिक लीलाओं का मंचन मथुरा की रामलीला पार्टी से करवाया जाता है। इस बार भी कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें सात मार्च से नौ मार्च तक निशुल्क दंगल रामलीला मैदान पर, कवि सम्मेलन 12 मार्च को, मुशायरा 15 मार्च को रामलीला पंडाल में, गीत गायन प्रतियोगिता 16 व 17 मार्च को, देवी जागरण 18 मार्च व भंडारा 19 मार्च को और सुंदरकांड पाठ 19 मार्च को रामलीला पंडाल में आयोजित होगा।

दुकानों,  झूलों पर लगती भीड़
नुमाइश मेले में गैर प्रांतों की तमाम दुकानें आती हैं, जिसमें सहारनपुर से काष्ठ कला की दुकान व क्राकरी की दुकानें महिलाएं और लोगों का आकर्षण तो चुराती हैं वहीं घरेलु सामान और महिलाओं से संबंधित सामग्री की दुकानें काफी आती हैं जिस पर जमकर भीड़ लगती है वहीं सॉफ्टी की दुकानें सर्दियों में भी लोगों को अपनी ओर खींच लेती हैं। इसी के साथ बच्चें के लिए तमाम प्रकार के झूले भी आते हैं। जिनमें ज्वांइट व्हील, ड्रैगन, क्रास, बिग डांस, जापानी नाव, मिक्की माउस सहित रोमांच से भरपूर मारूती मौत का कुंआ, काला जादू और मेल्टिंग गर्ल सहित तमाम मनोंरजन के साधन रहते हैं।

मुख्य आयोजक व संचालक राम प्रकाश शुक्ला ने बताया कि ऐतिहासिक नुमाइश मेला पूरी तरह से निशुल्क है, मेला कमेटी से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। लोगों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं कमेटी और प्रशासन की ओर से की जाती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से एक अस्थाई चौकी की स्थापना भी पुलिस प्रशासन से कराई जाती है। नुमाइश मेला में रामलीला का गणेश पूजन रविवार से होगा और होली तक मेला आयोजित रहेगा।!!
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