सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद राज्यसभा नरेश
अग्रवाल ने कहा कि असफलताओं को छिपाने के लिए अध्यादेशों का सहारा ले रही
केंद्र की भाजपा सरकार का किसान विरोधी रवैया सभी के सामने आ गया है। चंद
घरानों को फायदा पहुंचाने को केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण संबंधी अध्यादेश
लाई है। किसानों के हितों के लिए सपा संसद लेकर सड़कों तक संघर्ष करेगी और
किसान विरोधी अध्यादेश बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
अपने आवास पर आयोजित
प्रेस कांफ्रेंस में सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि आरएसएस आदि संगठन केंद्र
सरकार के इशारे पर घर वापसी का नाम देकर धर्मांतरण चला रहे हैं, मगर उत्तर
प्रदेश की जनता उन्हें नकार रही है। धर्म निरपेक्ष माहौल बिगड़ता है, तो
इसके लिए बीजेपी और संघ को जिम्मेदार माना जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र पर
प्रदेश की सपा सरकार को सहयोग न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र के
असहयोग के चलते खाद की कमी हुई, पर अब इसे दुरुस्त कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि पचास साल पुराने नियमों की बजाय केंद्र को आबादी एवं
आवश्यकता के अनुसार बिजली देनी चाहिए।
कहा कि प्रदेश सरकार इस ओर सजग है
और बिजली की किल्लत को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 10 जनवरी को प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री
नितिन अग्रवाल के संयोजन में लखनऊ में व्यापारियों का बड़ा सम्मेलन होगा,
जिसमें मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शिरकत करेंगे, जब कि 8 फरवरी
को ाबू श्रीश चंद्र अग्रवाल के जन्मदिन पर पंचायत सम्मेलन हरदोई में होगा,
जिसमें सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं
जाएगा। बताया कि एक अफसर द्वारा कई योजनाओं का पैसा रोकने की शिकायत मिली
है। कहा कि इसके लिए डीएम को जांच कर कार्रवाई को कहा है।
आवश्यकता हुई तो संबंधित के खिलाफ जांच कराई जाएगी। इस मौके पर सहकारी बैंक
अध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला और सपा नगर अध्यक्ष वसीम अहमद सिद्दीकी आदि
मौजूद थे।