संडीला। डग्गामार वाहनों का संचालन कराने के लिए पुलिस के नाम पर दो लोगों ने वसूली कर ली। वसूली के बाद भी जब डग्गामार वाहनों को सीज किया जाने लगा तो मामले की हकीकत सामने आई। अब पुलिस ने वाहन चालकों की तहरीर पर एक व्यक्ति को नामजद करते हुए दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
संडीला से लखनऊ के बीच बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। यह वाहन सवारियों को लाने ले जाने का काम करते हैं। कुछ माह पहले पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। किसी भी डग्गामार वाहन को न चलने देने के निर्देश भी थे। इसी से जुड़ा दिलचस्प मामला सामने आया है।
गंगाखेड़ा निवासी मुनीस, वसीम, अजीम, बीरू, रिजवान समेत 50 वाहन चालकों ने कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि उत्तरकौंध निवासी जितेंद्र तोमर और उसके एक साथी ने संडीला से लखनऊ के बीच वाहनों का संचालन कराने के लिए 1500 रुपये प्रति माह प्रति चालक वसूल लिए। जितेंद्र ने कहा था कि इस रकम के बदले पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी। वाहन बेरोक टोक चलेंगे। मामला तब खुला जब रुपये देने के बाद भी पुलिस ने नियम विरुद्ध संचालित हो रहे वाहनों को सीज कर दिया।
इसके बाद जब चालकों ने जितेंद्र से रुपये मांगे तो न तो रुपये वापस किए और न ही वाहनों के संचालन में कोई मदद की। कोतवाल विजय कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर जितेंद्र तोमर और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।