हरदोई। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के प्रति खंड विकास अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं। शिकायतकर्ता से जानकारी व फीडबैक न लेने और निराकरण की आख्या स्पष्ट न देने पर नौ खंड विकास अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न होने पर आगे की कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी।
जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर शासन गंभीर है। गुणवत्तापूर्ण और समय से निस्तारण की वरीयता के बावजूद खंड विकास अधिकारी निस्तारण के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई दे रहे हैं। विकास खंड बावन, भरखनी, पिहानी, संडीला, टडियावां, अहिरोरी, शाहाबाद, भरावन और हरियावां के खंड विकास अधिकारियों ने शिकायत निस्तारण को ऑनलाइन तो कर दिया है लेकिन, निस्तारण की आख्या न तो पठनीय है और न ही शिकायतकर्ता से उसकी समस्या के संबंध में फीडबैक ही लिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी सौम्या गुरूरानी ने शिकायतों के निस्तारण में मनमानी और लापरवाह पूर्ण कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है।
सीडीओ की नाराजगी के बाद जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक गजेंद्र कुमार तिवारी ने बावन बीडीओ रचना गुप्ता, भरखनी बीडीओ अशोक दुबे, पिहानी बीडीओ उदयवीर दुबे, संडीला बीडीओ राजीव गुप्ता, अहिरोरी बीडीओ पंकज यादव, हरियावां बीडीओ सौरभ पांडेय और शाहाबाद बीडीओ मनवीर सिंह से जवाब-तलब किया है।
बताया की वर्तमान समय में आवास से जुड़ी शिकायतें अधिसंख्य प्राप्त हो रही हैं और इनका समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होना बहुत जरूरी है। समन्वित शिकायत निवारण पोर्टल आख्या के चलते शिकायतकर्ता की ओर से दिए जाने वाले फीडबैक में असंतुष्टि जाहिर की जा रहा है, इससे से शिकायतें लंबित श्रेणी में प्रदर्शित हो रही हैं।