हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में चयनित पात्रों के खातों में निर्माण के लिए पहली किस्त न भेजना 13 बीडीओ के लिए मुसीबत का सबब बन गया। सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने लापरवाही करने पर इनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के आरोप में ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राजेंद्र कुमार श्रीवास से भी जवाब तलब किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण के लिए हर पात्र को एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता देने का प्रावधान है। पहली किस्त के रूप में चालीस हजार रुपये, दूसरी में 70 हजार रुपये और अंतिम किस्त में दस हजार रुपये दिए जाते हैं। जिले में इस योजना में 14 विकास खंडों के 25087 पात्रों का सत्यापन कराया जा चुका है। इसके बावजूद 14208 पात्रों का ही पंजीकरण किया गया। इनमें से 5557 पात्रों की सभी औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं लेकिन 2972 के खातों में ही पहली किस्त पहुंची है। 2585 पात्र किस्त पाने से वंचित है। आठ दिसंबर को सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने समीक्षा कर इस पर नाराजगी जताई थी। अमर उजाला ने इस पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इस पर सीडीओ ने 13 बीडीओ से जवाब तलब किया है।
इन्हें नोटिस जारी
सीडीओ ने मल्लावां, माधौगंज, संडीला, भरखनी, बिलग्राम, कछौना, अहिरोरी, हरपालपुर, हरियावां, टोडरपुर, बेंहदर, कोथावां और शाहाबाद के खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
ये हैं आंकड़े
- 5557 पात्रों की सभी औपचारिकताएं पूरी
- 2972 के खातों में ही पहली किस्त पहुंच सकी
- 2585 पात्र किस्त पाने से वंचित