हरदोई। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को विभागीय कार्यों के लिए बाबू और अफसरों की परिक्रमा से मुक्ति दिलाने का सरकारी दावा धरातल पर फेल साबित हो रहा है। शिक्षकों की सुविधा के लिए मानव संपदा पोर्टल पर एरियर भुगतान, चयन वेतनमान और निलंबन बहाली जैसी 15 महत्वपूर्ण सेवाओं को ऑनलाइन तो कर दिया गया लेकिन फाइलें अभी भी डिजिटल जाल में उलझी हुई हैं। बिना विभागीय अधिकारियों की जी-हुजूरी और दफ्तरों में हाजिरी लगाए शिक्षकों का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मानव संपदा पोर्टल को अपडेट किया है। इसके माध्यम से अवकाश, एनओसी, चयन वेतनमान और एरियर के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इस कारण शिक्षकों को ब्लॉक या जिले की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी मगर हकीकत इसके उलट है। पोर्टल पर आवेदन करने के महीनों बाद भी पेंडेंसी खत्म नहीं हो रही है। ऑनलाइन अपडेट होने के बावजूद जब तक शिक्षक ब्लॉक व जिला स्तर पर संपर्क नहीं करता है, उसका कार्य आगे नहीं बढ़ता है। इससे शिक्षकों को ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद परेशान होना पड़ रहा है।
यह सुविधाएं हैं ऑनलाइन-
ई-सर्विस बुक, वेतन भुगतान, एरियर, सामान्य भविष्य निधि अग्रिम आहरण, मृतक आश्रित नियुक्ति, शिक्षकों का निलंबन, बहाली, प्रॉपर्टी रिटर्न, डिपार्टमेंटल प्रमोशन, अनापत्ति प्रमाण पत्र, चयन वेतनमान, अवकाश, वार्षिक गोपनीय आख्या, नोटिस तथा डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग आदि शामिल हैं।
जो सुविधाएं ऑनलाइन है, उससे शिक्षक परेशान न हो, समय सीमा में निदान हो जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से इस संबंध में सभी बीएसए को निर्देश जारी किए गए हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी अगर किसी भी स्तर पर पत्रावली लंबित मिलती है तो कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। -श्याम किशोर तिवारी, उप सहायक, शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल लखनऊ