बजट न भवन जुगाड़ से चलाते फायर स्टेशन
सवायजपुर (हरदोई)। तहसील क्षेत्र में इस समय गेहूं की तैयार सैकड़ों बीघा फसल आग से राख हो रही हैं। कटियारी इलाके के वाशिंदों के मकानों में आग से उनकी गृहस्थी बर्बाद हो रही है, लेकिन आग पर काबू के लिए जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। यहां तक तहसील मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की अस्थाई यूनिट भी पंद्रह साल से लटकी है।
सवायजपुर तहसील का भौगोलिक क्षेत्र बड़ा है। इसे देखते हुए पांच जुलाई 2001 को तत्कालीन एसडीएम ने डीएम को अग्निशमन केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव भेजा था। इसके लिए कटरा-बिल्हौर हाईवे पर ग्राम गौरखेड़ा में मुख्य मार्ग पर स्थित गाटा संख्या 275 में लगभग तीन बीघा भूमि का चयन किया गया। इसके बाद तत्कालीन एडीएम बीएल अग्रवाल ने एसडीएम से फायर स्टेशन निर्माण के लिए भूमि की विस्तृत जानकारी भी मांगी थी। जिस पर एसडीएम ने दोबारा प्रस्ताव की पत्रावली भूलेख कार्यालय भेजी थी।
आठ सितंबर 2004 को तत्कालीन एसपी ने एसडीएम को पत्र लिख उक्त चयनित भूमि को किसी दूसरे को आवंटित न करने को कहा था। एसपी के निर्देश पर तत्कालीन जिला अग्निशमन अधिकारी सवायजपुर आकर चयनित भूमि का निरीक्षण भी किया, लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हुई। इस बाबत एसडीएम संजीव सिंह ने बताया कि फायर स्टेशन निर्माण के प्रस्ताव की पत्रावली डीएम के पास तहसील से भेजी जा चुकी है। सीओ हरपालपुर नीतेश सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। पत्रावली का निरीक्षण कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजेंगे।
इस बार नहीं आई अस्थाई यूनिट
पहले अप्रैल, मई, जून तीन माह के लिए तहसील मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड के चार पुलिस कर्मी एक छोटी गाड़ी के साथ पावर हाउस में रुकते थे। आग की सूचना पर मौके पर पहुंचकर आग बुझाते थे, लेकिन इस बार अस्थाई यूनिट को यहां नहीं भेजा गया है। तहसील क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं में काफी हानि होने के बावजूद भी जिला प्रशासन उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
लंबी दूरी के कारण अधिक नुकसान
कटियारी हो या पछोहा का इलाका आग लगने पर जब तक जिला मुख्यालय (32 किलोमीटर दूर से) फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती है। तब तक आग की लपटों से सब बर्बाद हो जाता है। ऐसे में चाहे घर हो या फसल।