स्वच्छ भारत मिशन की आड़ में डीपीआरओ द्वारा की गई धांधली की प्राथमिक पुष्टि हो गई है। सीडीओ के निर्देश पर शुक्रवार को प्रभारी जिला पंचायतराज अधिकारी ने टोडरपुर और शाहाबाद पहुंचकर प्रकरण की जांच की। शाहाबाद में प्रभारी डीपीआरओ को 15 ठेलिया ब्लाक मुख्यालय पर खड़ी मिलीं। उन्होंने ग्राम सचिवों के बयान भी दर्ज किए। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो ग्राम सचिवों ने जिला स्तरीय अधिकारी का दबाव ठेलिया खरीदने के लिए होने की बात कही है।
जनपद में जिला पंचायतराज अधिकारी रहे सुनील कुमार पांडेय ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में ठेलियां खरीदने के मौखिक निर्देश दिए थे। लखीमपुर की एक विशेष फर्म के नाम चेक काटे जाने का दबाव भी बनाया जा रहा था। टड़ियावां, टोडरपुर, शाहाबाद, सांडी विकास खंडों में ठेलिया खरीदे जाने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दरअसल जिस ठेलिया की आपूर्ति ग्राम पंचायतों के लिए की जा रही थी, उसकी वास्तविक अनुमानित कीमत 7 से 8 हजार रुपये है लेकिन इसके एवज में 23 हजार रुपये का चेक ग्राम पंचायतों से कटवाया गया। अमर उजाला द्वारा खेल का खुलासा कर देने के बाद डीपीआरओ अवकाश पर चले गए और डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यभार डीडीओ आरआर मिश्र को सौंप दिया। उधर दूसरी ओर सीडीओ आनंद कुमार ने उक्त प्रकरण की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी और सहायक निबंधक सहकारी समितियों की टीम गठित कर दी। इसी क्रम में डीडीओ आरआर मिश्र टोडरपुर और शाहाबाद विकास खंड पहुंचे। डीडीओ ने बताया कि प्रथमदृष्टया स्पष्ट हो गया है कि गलत मंशा के साथ ठेलियां ग्राम पंचायतों को खरीदवाई जा रहीं थीं। उन्होंने बताया कि कई ग्राम सचिवों ने ये स्वीकार किया है कि उनके ऊपर विभागीय अधिकारी का दबाव ठेलियां खरीदने और चेक काटने के लिए था। डीडीओ ने बताया कि वह अपनी जांच आख्या मुख्य विकास अधिकारी को सौंपेंगे।
डीडीओ और प्रभारी डीपीआरओ आरआर मिश्र ने दो टूक कहा कि अमर उजाला ने ठेलियों का खेल एक्सपोज कर दिया वरना सभी ठेलियां खपा दी जातीं।