हरदोई। 102 और 108 एंबुलेंस के खराब दिखाने के साथ ही एक बड़ा घपला किया जा रहा है। इन एंबुलेंस से इंजन व सीट के साथ अन्य उपकरण तक गायब हो गए हैं।
चर्चा है कि इनके इंजन व पुर्जे खोलकर बेच लिए गए हैं। जिम्मेदार इससे अंजान बने हुए हैं। हकीकत छुपाने के लिए चार नगर पालिका के बरात घर और 10 सीएमओ कार्यालय परिसर के पास खड़ी कर दी गई हैं।
शहर के जिला अस्पताल में चलने वाली एंबुलेंस की हकीकत परखी गई, तो फिर चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। खराब एंबुलेंस को खड़ी करने में कोई भी मानक नहीं अपनाया गया है।
कुछ तो सीएमओ कार्यालय के परिसर में खड़ी की गई हैं तो कुछ बावन रोड पर स्थित पालिका बरात घर के पास खड़ी की गई हैं। इन एंबुलेंस से किसी में इंजन नहीं हैं, तो किसी में उनकी सीटें गायब है।
यहीं नहीं एंबुलेंस में ऑक्सीजन व इलाज संबंधी लगभग सभी उपकरण भी गायब हैं। विभाग के जिम्मेदारों को यह नहीं पता कि ये उपकरण कहां गए हैं। कौन इन्हें ले गया है।
केस-एक
यह तस्वीर बावन रोड स्थित अंदर गली में बरात घर के पास की है। यहां एंबुलेंस खड़ी है इसका इंजन और सीटें गायब हैं। वहीं इसके बगल में चार एंबुलेंस खड़ी हैं। इनसे भी सीटें व अन्य सामान गायब है।
केस-दो
यह दूसरी तस्वीर शहर से सात किलोमीटर दूर स्थित सीएमओ कार्यालय की है। यहां पर 10 एंबुलेंस धूल खा रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने अभी तक इनको कंडम दिखाकर नीलामी की कार्रवाई नहीं की गई है।
अब तक एंबुलेंस कागजों पर हो चुकी है खराब
108 व 102 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर विकास सिंह ने बताया कि जनपद में जब से इस योजना की शुरुआत हुई। तब से अब तक कुल 85 एंबुलेंस कागजों पर खराब हो चुकी हैं। इनके बदले में नई एंबुलेंस आ चुकी हैं। इनमें 108 की 40 एंबुलेंस व 102 की 45 एंबुलेंस जर्जर हो चुकी हैं।
.......तो कहां गई अन्य खराब एंबुलेंस
सरकारी कागजों पर 85 एंबुलेंस जर्जर हो चुकी हैं। पटल पर करीब दो दर्जन के आसपास ही जर्जर एंबुलेंस नजर आ रही हैं। तो अन्य एंबुलेंस कहां गई, क्या इन्हें नीलाम कर दिया गया या फिर पूरी तरह से ये एंबुलेंस गायब हो गई हैं। इन बातों को लेकर लोगों में एक चर्चा का विषय बना हुआ है।
फोटो-01- खस्ताहाल एंबुलेंस।- फोटो : HARDOI
फोटो-02- यह है एंबुलेंस के हाल।- फोटो : HARDOI