नगर के आंझी शाहाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन ड्राइवर
की सूझबूझ से राज्यरानी एक्सप्रेस बडे़ हादसे से बच गई। आंझी रेलवे स्टेशन
के मुख्य गेट के पास डाउन लाइन पर मरम्मत का कार्य किया जा रहा था। इसी बीच
नान स्टाप झांसी से मेरठ जाने वाली डाउन राज्यरानी एक्सप्रेेस को पहले
आउटर पर 26 मिनट रोका गया, बाद में रेलवे स्टेशन पर आठ मिनट के लिए रोक
दिया गया।
बाद में लाइन का काम अधूरा होने के बावजूद ट्रेन को आगे के लिए
रवाना कर दिया गया। उधर, लाइन पर काम कर रहे कर्मचारियों ने ट्रेन को
आते देखा तो उन्होंने शोर मचाकर ट्रेन रोकने का संकेत दिया, तब तक ट्रेन
स्पीड नहीं पकड़ सकी थी।
मजदूरों के शोर मचाने पर चालक जापान सिंह ने
इमरजेंसी ब्र्रेक का प्रयोग किया, जिसके बाद ट्रेन दुर्घटना प्वाइंट से
करीब एक मीटर पहले रुक गई। बताया जाता है कि रेल कर्मियों की गलती से इंजन
के पहिये आगे समाप्त होने वाली लाइन की ओर बढ़ रहे थे। यदि एक मीटर पहले
ट्रेन नहीं रुकती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
उधर, दुर्घटना टलने के बावजूद
ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में भय की लहर दौड़ गई और अधिकांश यात्री
ट्रेन से उतरकर स्थिति का जायजा लेते देखे गए। उधर, राज्यरानी एक्सप्रेस
के बाद पीछे से आ रहीं अन्य ट्रेनों को यथास्थान रोक दिया गया, जिसमें
13005 पंजाब मेल को हरदोई रेलवे स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया, जबकि शाहाबाद
से पहले किसान एक्सप्रेस को बीच में ही रोक दिया गया।
उधर, राजरानी
एक्सप्रेेस के गार्ड मोहम्मद आसिफ ने बताया कि स्टेशन छोड़ने के बाद ट्रेन
की गति काफी धीमी थी। यदि ट्रेन रनथ्रू पास होती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती
थी। झांसी मेरठ राज्यरानी एक्सप्रेस में हादसा टल जाने से जहां यात्रियों
ने राहत की सांस ली, वहीं ट्रेन के चालक ने गाड़ी को पीछे ले जाकर
प्लेटफार्म पर खड़ा कर दिया।
लगभग एक घंटे तक तमाम यात्री भूख व प्यास से
जूझते रहे। स्टेशन पर ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। उधार, अप व
डाउन लाइन पर ट्रेनों का आवागमन लगभग एक घंटे तक ठप रहा। इस बाबत स्टेशन
मास्टर से जानकारी करने पर उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया।
इस बाबत
ट्रेन चालक जापान सिंह का कहना था कि लाइन दुरुस्त नहीं थी, पर जब उन्हेें
सिग्नल मिला, तब ही उन्होंने ट्रेन को आगे बढ़ाया। ट्रेन चालक ने स्टेशन
मास्टर को दोषी ठहराया है।