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बिजली अभियान, निकाल रहा जान

Mon, 02 Mar 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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प्रदेश सरकार ने विद्युत चोरी पर लगाम लगाने और बकाया वसूली पर इस बार सबसे ज्यादा जोर दिया है। बीते आठ माह से विद्युत चेकिंग अभियान कुछ दिनों के अंतराल पर लगातार चल रहा है। जिसमें अभी तक हजारों उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जा चुकी है और विभाग ने करोड़ों रुपये सरकारी राजस्व में जमा कराए हैं।
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जुलाई माह से शुरू हुए वृहद चेकिंग अभियान को छोड़ दिया जाए और महज डेढ़ माह में चलाए गए चेकिंग अभियान पर गौर करें तो जिले से करोड़ों रुपये विभाग के राजस्व में जमा हो चुके हैं। अभियान में उपभोक्ताओं पर कार्रवाई भी हुई। सैकड़ों उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं।

विद्युत चेकिंग अभियान को लेकर शासन से भले ही अभी कोई नए आदेश न आए हों, पर लोकल स्तर पर अभियान अभी भी चल रहा है। ऐसे में त्योहार से पहले विद्युत चेकिंग को लेकर आम उपभोक्ता काफी सहमे हुए हैं। विद्युत चेकिंग के दौरान उपभोक्ताओं को दो-तरफा मार झेलनी पड़ जाती है।
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एक तो बकाया जमा न होने या किसी अन्य कमी की वजह से कार्रवाई हो जाती है, वहीं विभाग में कुछ कर्मचारियों द्वारा भी अवैध ढंग से वसूली की जाती है। जिस पर तमाम प्रयासों के बावजूद लगाम तो नहीं लगा उल्टे आम उपभोक्ताओं को शिकार होना पड़ रहा है। उधर, बिजली विभाग के लिए लाइन लॉसेस सबसे बड़ी समस्या है।

लाइन लॉसेस का आशय यह है कि जितनी बिजली क्रय की जा रही है, उसके सापेक्ष विभाग को राजस्व नहीं मिल रहा है। वह सब लाइन लॉसेस में दर्ज कर दिया जाता है। हालांकि, लाइन लॉसेस की अधिकता में विभाग भी जिम्मेदार है, पर इसका खामियाजा भी उपभोक्ताओं को ही भुगतना पड़ जाता है।

लाइन लॉसेस से होने वाले घाटों को पूरा करने के लिए विभाग को वृहद स्तर पर अभियान चलाना पड़ रहा है। उधर, विद्युत चोरी के बढ़ते मामलों को कम करने के लिए भी अभियान चलाने की जरूरत पड़ी है। ज्ञात हो कि त्योहार में तो विद्युत चोरी और अधिक बढ़ जाती है ऐसे में चोरियों पर लगाम लगाने के लिए विभाग को अभियान चलाना पड़ता है।

इसका खामियाजा आम उपभोक्ता भी भुगतते हैं। विभाग के अनुमानित आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो विद्युत वितरण खंड प्रथम में प्रतिवर्ष औसतन 8.60 करोड़ रुपये और विद्युत वितरण खंड द्वितीय के तहत प्रतिवर्ष 20.25 करोड़ रुपये का लाइन लॉस हो जाता है। जिसके पीछे बड़ा कारण बिजली चोरी होती है।
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