पतंजलि योग समिति महिला शाखा की जिलाध्यक्ष एवं योग
टीचर प्रतिभा कटियार ने कहा कि शिक्षा के साथ जागरूकता आने से ही महिलाओं
को समाज में बराबरी और अधिकार मिल सकेंगे। पुरुष प्रधानता की सोच रखने
वालों को भी अब सोचना चाहिए कि महिलाएं किसी से कम नहीं है।
जरूरत है इस
बात की कि आधी आबादी को बराबरी का दर्जा मन से दिया जाए। इसके लिए सभी के
जागरूक होने की जरूरत है। गोष्ठी में कहा कि महिलाओं के बिना समाज के
समुचित विकास की कल्पना नहीं की जा सकती, पर इसे विडंबना ही कहा जाएगा
महिलाएं ही अपने बच्चों को बराबरी का दर्जा देने से कतराती है।
बेटा और
बेटी में फर्क किए बिना बराबरी से शिक्षा, स्वास्थ्य और पालन पोषण करना
चाहिए। बीके रोशनी, सरोज श्रीवास्तव, डा. सावित्री शुक्ला, मंजू चंदेल ने
भी महिलाओं को बराबरी का हक देने को लोगों को सोच बदलने के साथ ही महिलाओं
को भी जागरूक होने को कहा।