बेहटागोकुल (हरदोई)। दो युवकों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया और जान की धमकी देकर परिवार समेत गांव से भी निकाल दिया। शिकायत पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
सोमवार को युवती ने बेटे को जन्म दिया और लोक लाज के चलते नवजात को कूड़े के ढेर में दबा दिया। बच्चे के रोने पर ग्रामीणों ने उसे निकालकर पुलिस व चाइल्ड लाइन को सूचना दी। चाइल्ड लाइन प्रभारी ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया है।
बेहटागोकुल थाना क्षेत्र की युवती (18) के साथ लगभग नौ माह पूर्व पड़ोस के दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। युवती के परिजनों ने शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने मामले को दबा दिया था।
जान की धमकी देकर युवकों के परिजनों ने युवती और उसके परिजनों को गांव से निकाल दिया था। पीड़ित परिवार गांव के बाहर झोपड़ी डालकर रहने लगा। इसी बीच परिजनों को युवती के गर्भवती होने की जानकारी हुई थी।
खुद पर कार्रवाई के भय से युवती का गर्भपात नहीं कराया। युवती ने सोमवार शाम करीब चार बजे बेटे को जन्म दिया। लोकलाज के चलते युवती ने नवजात को कपड़े में लपेटकर झोपड़ी से 500 मीटर दूर सड़क के किनारे कूड़े के ढेर में दबा दिया।
बच्चे के रोने पर ग्रामीणों ने कूड़ा हटाया तो उसमें नवजात दबा मिला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस व चाइल्ड लाइन टीम को दी। पुलिस ने नवजात को चाइल्ड लाइन प्रभारी अनूप तिवारी को सौंप दिया।
उन्होंने नवजात को महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया है। सीओ हरपालपुर परशुराम ने कहा कि अभी संज्ञान में आया है, थाना प्रभारी और पीड़ित परिवार से जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।