रेलवे स्टेशन पर देखने को तो टिकट वितरण के दो काउंटर
हैं, पर बिक्री एक ही काउंटर से होती है। एक अन्य काउंटर अकसर बंद ही
मिलता है। ऐसे में यात्रियों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उधर, शनिवार को डाउन रूट की डुप्लीकेट एक्सप्रेस निरस्त कर दी गई।
हरदोई
रेलवे स्टेशन पर वैसे तो अभिलेखों में तीन काउंटरों से टिकट का वितरण होता
है, पर वास्तविकता में दो ही काउंटर हैं। जिसमें से भी एक काउंटर अकसर बंद
रहता है। कभी कभार ही दो काउंटर एक साथ चलते मिलते हैं, जबकि एक काउंटर के
संचालन से टिकट खरीदने वाले यात्रियों की काफी लंबी लाइन लग जाती है।
शनिवार की दोपहर को भी एक ही टिकट खिड़की का संचालन होता रहा, जिससे
यात्रियों को परेशान होना पड़ा। टिकट न मिलने से कई यात्रियों की ट्रेनें
तक छूट गईं, पर जिम्मेदारों की लापरवाही जारी है। इस संबंध में स्टेशन
अधीक्षक रामरतन से जानकारी करने पर उन्होंने मंडल के अफसरों को पत्र भेजने
की बात कही है।
उधर, कोहरे से ट्रेनों का संचालन बुरी तरह से बिगड़ा
हुआ है। शनिवार को डाउन रूट की डुप्लीकेट एक्सप्रेस निरस्त कर दी गई। इसके
अलावा डाउन रूट की ही पंजाब मेल सात घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची।
डाउन रूट की अन्य ट्रेनों में चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस 17 घंटे, सियालदह
एक्सप्रेस तीन घंटे व गुवाहाटी एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे की देरी से
पहुंची, जबकि अप रूट की ट्रेनों में मुगलसराय एक्सप्रेस 2.45 मिनट,
त्रिवेणी एक्सप्रेस पांच घंटे तथा गोहाटी एक्सप्रेस सवा तीन घंटे की देरी
से हरदोई स्टेशन पर पहुंची।