फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा थे डा. मुखर्जी

Mon, 06 Jul 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा सांसद अंशुल वर्मा के कार्यालय पर सोमवार को जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हर्षोल्लास के साथ मनाई।
विज्ञापन


इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि डा. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना कर कश्मीर के लिए नारा दिया था कि एक देश में दो विधान दो संविधान नहीं चल सकते। कहा कि कलकत्ता में जन्मे इस महापुरुष ने वीर सावरकर से प्रेरित होकर हिंदू महासभा का गठन किया।

अगस्त 1952 में जम्मू-कश्मीर की एक सभा में कहा था कि यह प्रदेश भारत का पूर्ण हिस्सा है, इसको लेकर उन्होंने तत्कालीन नेहरू की सरकार का विरोध करते हुए धारा 370 खत्म करने की मांग की थी। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि डा. मुखर्जी हमारे प्रेरणा स्रोत हैं और युवाओं को संघर्ष करने की प्रेरणा दी।
विज्ञापन


भाजपा नगर अध्यक्ष अनोज मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि डा. मुखर्जी राष्ट्रवादी राजनीति के पुरोधा थे। कहा कि हम सभी को उनसे सीख लेकर पार्टी को गतिमान बनाने के लिए आम जनता के मध्य जनहित के कार्य करने चाहिए। इस मौके पर संदीप सिंह, सुरजीत वर्मा, संजय सिंह, गुड्डू सिंह आशा, संग्राम सिंह, दिलीप द्विवेदी और रोहित पांडे आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें