फोटो-22- डीपीआरओ विनय कुमार सिंह। आर्काइव
हरदोई। डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना में हीलाहवाली पर शासन ने सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। वह जनपद में जिला पंचायत राज अधिकारी का पद संभाल रहे थे। उन्हें निदेशालय से संबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत गिरीश कुमार रजक को नामित किया गया है।
जनपद में 217 डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना होनी है। इसके लिए शासन ने डेढ़ करोड़ का बजट दिया था। 75 लाख रुपये से लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर खरीदा जाना था। बाकी 75 लाख रुपये से लाइब्रेरी के लिए किताबें खरीदनी थीं। फर्नीचर खरीदने के साथ ही नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की किताबें खरीदने की प्रक्रिया पूरी हो गई थी लेकिन नॉन एनबीटी पुस्तकों की खरीद प्रक्रिया नहीं हो पाई थी।
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि उक्त खरीद प्रक्रिया के लिए जेम के जरिये टेंडर किए गए थे। टेंडर अपलोड करते समय इसमें कुछ ऑप्शन दिए जाने थे जो नहीं दिए गए। इसका पता चलने पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी थी और नए सिरे से टेंडर कराने के निर्देश दिए थे। इस मामले को लेकर पंचायत राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह से खासे नाराज थे।
बुधवार को विनय सिंह को निलंबित करने का आदेश पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने जारी किया। इसमें उन पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना में लापरवाही करने स्वच्छ भारत मिशन, अंत्येष्टि स्थल व अन्य योजनों में प्रगति खराब होने का आरोप है। इन्हीं सब वजहों से उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
... तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ही कह दिया था निलंबित करने को
पंचायत राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने मंगलवार दोपहर बाद तीन बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी। इस दौरान उन्होंने पंचायत राज की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल रहे दूसरे जनपदों के अधिकारियों ने नाम न छापने के अनुरोध पर बताया कि वीसी के दौरान ही प्रमुख सचिव ने विनय कुमार सिंह को निलंबित करने के आदेश दे दिए थे।