जिला पंचायत राज अधिकारी के विरोध में सफाई
कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया। पंचायती राज विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
(सफाई कर्मी) संघ ने शुक्रवार को जुलूस निकाला और विकास भवन स्थित डीपीआरओ
कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों ने शोषण, अभद्रता
करने, वेतन और एरियर न देने का आरोप डीपीआरओ पर लगाया।
पंचायती राज
विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (सफाईकर्मी) संघ ने जिला पंचायत राज अधिकारी
के विरोध में जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। जिला अस्पताल परिसर से
जुलूस निकाल सफाई कर्मचारी नारेबाजी करते हुए विकास भवन पहुुंचे।
कर्मचारियों ने जिला पंचायत राज अधिकारी पर भेदभाव की नीति अपनाकर सफाई
कर्मियों के साथ गाली गलौज करने तथा कार्यालय से भगा देने का आरोप लगाया।
संघ संरक्षक राजकुमार कपिल ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा शुरू की गई दर्पण
योजना को डीपीआरओ ने मानने से इंकार कर दिया। साथ ही सफाई कर्मियों से
अभद्रता करते हैं। संघ जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि लगभग 150 सफाई
कर्मियों का एरियर लंबित है, जिसमें बजट का अभाव बताया गया जबकि भरपूर बजट
है।
डीपीआरओ ने बैंक से लोन दिलाने से भी इंकार कर दिया। कहा कि जातिवाद
पर कई विभाग एवं ब्लाक मुख्यालय पर संबद्ध सफाईकर्मियों को हटाया गया और
वेतन रोका, जबकि अन्य अफसरों के बंगले व कार्यालय एवं बाहरी जिलों में अपने
घर पर कार्य कर रहे हैं। जिनको वापस नहीं लिया गया। सफाईकर्मियों को अभी
स्थायी भी नहीं किया गया।
साथ ही डीपीआरओ द्वारा संघ पदाधिकारियों से
अभद्रता की गई। सफाईकर्मियों ने नारेबाजी की और विकास भवन में डीपीआरओ के
विरोध में नारे लिखकर चस्पा किए। कर्मियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन नगर
मजिस्ट्रेट महेंद्र मोहन को दिया। इस मौके पर उमेश वर्मा, सर्वेश कुमार,
सरोज पाल, अनुज कुमार, विनीत कुमार, मंशाराम राठौर, नीरज यादव, दाताराम
राठौर व अवनीश कुशवाहा आदि मौजूद थे।