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ओपीडी में कक्ष से नदारद रहे डॉक्टर,परेशान रहे मरीज

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फोटो-04- डेंटल विभाग में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी - फोटो : HARDOI
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हरदोई। दूरदराज के लोग जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए तड़के घरों से चल देते हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी सुबह आठ बजे से शुरू होती है। ग्रामीण सात बजे से पहले ही अस्पताल पहुंच जाते हैं, लेकिन डॉक्टर कभी समय से ओपीडी में नहीं आते हैं। मरीज लाइन में लगकर उनका घंटों इंतजार करते हैं। सुबह नौ बजे से पहले शायद ही कोई डॉक्टर ओपीडी में मरीज देखने पहुंचता है।
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सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे पर्चा काउंटर पर भीड़ लगी थी। डॉक्टरों के कक्षों के बाहर सीटों पर मरीज बैठे थे। डॉक्टर कक्ष से नदारद थे। सीएमएस भी अपने कक्ष में नहीं पहुंचे थे। सिर्फ नेत्र विभाग में ही डॉक्टर मरीजों को देखते मिले।
अन्य कक्षों के बाहर मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। मेडिसिन विभाग का नजारा तो अजीबोगरीब मिला। यहां डॉक्टर साहब नहीं बैठे थे। इसके बाद भी सुरक्षाकर्मी ने मरीजों को लाइन में खड़ा कर दिया। उमस भरी गर्मी में मरीज बिलबिला उठे।
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सर्जन कक्ष : सुबह 8:35 बजे
यहां मरीजों की काफी भीड़ मिली। डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज पसीने से तरबतर होकर सामने सीट पर बैठे थे। कुछ मरीज गेट पर खड़े थे। डॉक्टर का इंतजार कर रहे टड़ियावां के सारीपुर निवासी सत्यप्रकाश ने बताया कि पत्नी मंजू के पेट में दर्द होता है। वह 20 किलोमीटर की दूरी तय कर सुबह 7:30 बजे जिला अस्पताल आ गए थे। 8 बजे काउंटर खुलने पर पर्चा बनवाया। इसके बाद ओपीडी में डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं। वहीं पर बैठी सुनीता ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से वह दवा लेने आ रही हैं। सुबह 8 बजे आ जाने के बाद डॉक्टर के इंतजार में हैं।
एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष : सुबह 8:30बजे
जिला अस्पताल में इमरजेंसी कक्ष के पास ही बने एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष के बाहर कई मरीज बाहर खड़े थे। अंदर कई बाहरी लोग बातों में मशगूल थे। पास में ही एक युवक रजिस्टर पर कुछ लिख रहा था। डॉक्टर के बारे में पूछने पर बताया कि नहीं आए हैं। ऐसे में इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों का क्या हाल होता होगा, यह समझा जा सकता है।
डेंटल कक्ष : सुबह 8:40 बजे
जिला अस्पताल में डेंटल विभाग में डॉक्टर तैनात हैं। ओपीडी में मरीजों को देखने वाला कोई नहीं होता। सोमवार को डेंटल कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। वहीं गेट के बाहर कुर्सी पर बैठकर एक सुरक्षाकर्मी मरीजों के पर्चे लेकर पूछताछ कर रहा था। दवा लेने आईं कांशीराम कॉलोनी निवासी सरोजनी ने बताया कि गले में दर्द है। एक घंटे से आए हैं, लेकिन अब तक डॉक्टर नहीं मिले।
हृदय रोग ओपीडी कक्ष- सुबह 8:45
हृदय रोग विभाग के कक्ष में डॉक्टर नदारद रहते हैं। सोमवार सुबह डॉक्टर की कुर्सी खाली पड़ी थी। पर्चा बनवाने के बाद मरीज डॉक्टर के इंतजार में कक्ष के बाहर बैठे थे। पूछने पर शाहाबाद निवासी रूपल ने बताया कि उसके सीने में दर्द होता है। अस्पताल में भीड़ होने के चलते सुबह 7 बजे अस्पताल आ गए। पर्चा बनवाने के बाद 8 बजे से डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं, पूछने पर बताया गया कि डॉक्टर 9 बजे आएंगे।
1200 से ऊपर हो रही ओपीडी
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में जिम्मेदारों की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में रोजाना 160 से 180 मरीजों की जांच होती है, लेकिन सुबह जांच रिपोर्ट देखने वाला कोई नहीं मिलता। ओपीडी भी इन दिनों 1200 से ऊपर पहुंच रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद मरीजों का इलाज हो पा रहा है।
ओपीडी में सभी डॉक्टरों को समय से पहुंचने के निर्देश हैं। सीएमएस प्रतिदिन घूमकर ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति देखते हैं। अगर समय से डॉक्टर नहीं पहुंच रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। ओपीडी में न मिलने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। दो दिन में ओपीडी में डॉक्टरों के पहुंचने का समय दुरुस्त कराऊंगी। -डॉ. वाणी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।

फोटो-05- चिकित्सालय में मेडिसिन चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन- फोटो : HARDOI

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