हरदोई। पढ़ाई का समय निर्धारित करने की जगह यदि टॉपिक पूरा करने को लक्ष्य बनाया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है। सीबीएसई इंटर में जिला टॉपर इशिता की कामयाबी का राज भी यही है। इशिता ने पढ़ाई के लिए चार या पांच घंटे का समय निर्धारित करने की जगह ये तय किया कि प्रतिदिन कितना कोर्स पूरा करना है। इस लक्ष्य को पाने के लिए चाहे घंटे कितने भी गुजर जाएं, पढ़ाई जारी रखी।
एक साधारण परिवार में रहने वाली इशिता डे ने सीमित संसाधनों के साथ सीबीएसई इंटर की परीक्षा में जिला टॉपर होने का तमगा हासिल किया है। इशिता के पिता मुकेश चंद्र डे एक इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं।
मां सुरसा ब्लॉक के ढोलिया जूनियर स्कूल में शिक्षिका हैं। विज्ञान वर्ग के पीसीएम ग्रुप से इशिता ने इंटर की परीक्षा पास की है। इशिता के जीवन का मुख्य लक्ष्य वैज्ञानिक बनकर देश सेवा करना है। छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है।