परिषदीय स्कूलों में शिक्षामित्रों द्वारा समायोजन की
मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर बीएसए ने कड़ी नाराजगी जताई और
संगठन के पदाधिकारियों को अनुशासन में रहकर कार्य करने की चेतावनी दी।
उन्होंने टीचरों के रिक्त 1524 पदोें पर शिक्षामित्रों के समायोजन करने का
आश्वासन दिया, साथ ही 30 मई तक सभी को नियुक्ति पत्र जारी करने का भरोसा
दिलाया।
ज्ञात हो कि जिले में 2,570 शिक्षामित्रों की सहायक टीचर पद पर
समायोजन को काउंसिलिंग कराई गई थी। जिनको सहायक टीचर पद पर समायोजित किया
जाना था, पर जिले में सहायक टीचर के रिक्त पदों की संख्या कम होने पर विभाग
ने कुछ शिक्षामित्रों का समायोजन की बात कही थी।
जिस पर शिक्षामित्र संगठन
उत्तेजित हो गए। बीएसए के दो दिन लखनऊ में मीटिंग में होने के बावजूद
संगठनों ने बीएसए कार्यालय पर बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और जिला
प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। शुक्रवार को बीएसए डा. बृजेश मिश्र के आने पर
भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जिस पर बीएसए ने सख्त नाराजगी जताई और संगठन
के पदाधिकारियों को हिदायत दी कि अनुशासन में रहकर अपनी बात कहें।
बोले,
जब तक उनसे वार्ता नहीं हुई तो किस आधार पर धरना शुरू कर दिया गया। कहा कि
किसी भी कार्य के लिए पहले समय दिया जाता है। उसके बाद विरोध किया जाता
है। उन्होंने पदाधिकारियों को बताया कि 2570 में 2544 ने काउंसिलिंग हुई
थी, जिसमें से 1524 को दो दिन के अंदर समायोजन पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
इसके बाद मई के प्रथम सप्ताह में सहायक टीचरों की पदोन्नति कर दी जाएगी,।
जिसमें करीब 800 के करीब पद रिक्त हो जाएंगे। उस पर शिक्षामित्रों का
समायोजन कर दिया जाएगा। बताया कि इसके बाद तीन साल सेवा कर चुके सहायक
टीचरों की पदोन्नति सूची तैयार कर उनकी पदोन्नति कर दी जाएगी, जिस पर पद
रिक्त होने पर शेष सभी शिक्षामित्र समायोजित कर दिए जाएंगे।
उन्होंने
बताया कि शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया तीस मई तक पूरी कर ली
जाएगी। इस मौके पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय,
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अरुण दीक्षित, प्राथमिक
शिक्षामित्र संघ के मंडल अध्यक्ष संजीव यादव, जिलाध्यक्ष मनीराम राजपूत
सहित कई मौजूद थे।