मल्लावां (हरदोई)। विद्युत विभाग की मनमानी के चलते करीब पचास ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन लिए बगैर ही बिल थमा दिए गए। उन्होंने कहा कि गांव में बिजली के खंभे लगे थे जिन पर अभी तक ना तो तार खींचे गए और ना ट्रांसफार्मर लगवाया। ऐसे में बिजली मिलने का सवाल ही नहीं उठता। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बिल माफ कराए जाने की मांग की।
क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाबटमऊ के मजरा तौकलाबाद में 2002 में बिजली विभाग की ओर से गांव में खंभे लगाए गए थे। न तो उन खंभों पर तार खींचे गए और न ही ट्रांसफार्मर लगाया गया। इसके बाद भी ग्रामीणों के पास बिल पहुंचने लगे हैं। ग्रामीण शिवलाल के नाम 7720 रुपये, राजकुमार के नाम 7885 रुपये, रामकिशन के नाम 7564 रुपये, रामेश्वर के नाम 7760 रुपये का बिल आया है।
इसके अलावा करीब 50 ग्रामीणों को विभाग की ओर से बकाया धनराशि जमा करने के लिए दो दिन पहले विद्युत उपकेंद्र से एक कर्मचारी गांव गया और ग्रामीणों को बिल थमा दिए। जब ग्रामीणों ने कहा कि तार और ट्रांसफार्मर तो लगे ही नहीं तो बिल किस बात का। उसने बताया कि यह बिल तो बिजली विभाग का है अदा तो करना ही होगा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना विद्युत उपकेंद्र पर दी, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर बिल माफ कराए जाने की मांग की है।
प्रधानपति व सपा ब्लाक अध्यक्ष माधौगंज शिवमोहन राठौर ने बताया कि बिल के मामले की जानकारी ग्रामीणों ने दी है जिस पर जेई से बात की गई, लेकिन वह ठोस जवाब नहीं दे सके। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। इस बाबत जेई अमरीश गौतम ने बताया कि यदि गलत तरीके से ग्रामीणों को बिल मिले हैं तो जांच करवाकर उच्चाधिकारियों से बात कर बिल माफ कराए जाएंगे।