राज्य सूचना आयोग की ओर से लंबित मामलों के निस्तारण के लिए लगाई गई आयुक्त की अदालत के दूसरे शुक्रवार को 91 मामलों की सुनवाई हुई। अदालत की कार्यवाही के दौरान राज्य सूचना आयुक्त अरविंद सिंह विष्ट ने कहा कि आवेदकों के साथ टरकाऊ रवैया नहीं चलेगा।
सूचना अधिकार के तहत नागरिकों को सूचनाएं प्राप्त करने का अधिकार है। आवेदकों को सूचना देने से इंकार करना या परेशान करना नागरिकों को प्राप्त अधिकारों पर अतिक्रमण है। आयुक्त ने 91 मामलाें की सुनवाई की और निस्तारण के निर्देश दिए। अदालती कार्यवाही के बाद आयुक्त ने जनसूचना अधिकारियों /प्रथम अपीलीय अधिकारियों व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि आरटीआई केसोें का शत प्रतिशत डिस्पोजल किया जाए। आवेदकों को सूचना प्राप्त करने के लिए बार बार न दौड़ना पड़े। सूचना देने में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।
ग्रामसभा स्तर पर कराने वाले सभी कार्यों का पूर्ण विवरण वर्षवार तैयार कर ब्लाक स्तर पर रखा जाए ताकि ग्रामसभा से संबंधित सूचना मांगे जाने पर समय से आवेदक को सूचना दी जा सके। जिलाधिकारी रमेश मिश्रा के अलावा मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता, अपर जिलाधिकारी लक्ष्मी श्ंाकर सिंह, उप जिलाधिकारी सवायजपुर संजीव सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जितेंद्र मोहन सिंह, उप संचालक चकबंदी, उप जिलाधिकारी बिलग्राम पीपी तिवारी, उप जिलाधिकारी शाहाबाद अशोक कुमार शुक्ल, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला पूर्ति अधिकारी तथा जिला पंचायत राज अधिकारी मौजूद रहे।