हरदोई। दुष्कर्म के मामले में आरोपी को अपने बेटे का पिता बता रही महिला के बयान गुरुवार को कोर्ट में नहीं हो सके। यह महिला एक बार पहले भी एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगा चुकी है। उससे भी बेटी भी हुई थी, लेकिन बाद में सुलह-समझौता हो गया था। पुलिस ने घटना को संदेहास्पद मानते हुए जांच शुरू की है। सीओ बोले, डीएनए टेस्ट के बाद तय होगा कि असल गुनहगार कौन है।
थाना क्षेत्र कासिमपुर की एक गर्भवती युवती ने एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। युवती की मां की शिकायत पर तीन मार्च 2016 को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। युवती का आरोप था कि आठ महीने पहले युवक ने दुष्कर्म किया था। पेट में पल रहा बच्चा भी उसने युवक का बताया था। कथित रेप के आठ महीने बाद रिपोर्ट दर्ज से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। अब युवती ने एक बेटे को जन्म दिया, जो डेढ़ महीने का है।
मामले की जांच कर रहे सीओ संडीला चरन सिंह ने बताया कि यह युवती करीब ढाई साल पहले भी गर्भवती हुई थी। युवती की शिकायत पर गांव के एक युवक पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया था। तब युवती ने बेटी को जन्म दिया था। बाद में युवती ने आरोपी से समझौता कर लिया और मामला रफा-दफा हो गया था।
गुुरुवार को कोर्ट में युवती के बयान कराने सीओ गए थे लेकिन मजिस्ट्रेट की व्यस्तता के कारण बयान नहीं हो पाए। सीओ का कहना है कि चूंकि युवती ने दुष्कर्म के आठ महीने बाद रिपोर्ट दर्ज कराई और पहले भी वह ऐसा ही आरोप लगाकर समझौता कर चुकी है। इसलिए मामला संदिग्ध लग रहा है। आरोपी युवती के बच्चे का पिता है या नहीं इसकी पुष्टि के लिए बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। अगर डीएनए बच्चे के डीएनए से मैच करता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी निर्दोष को सजा न हो इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। शुक्रवार या शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती के बयान दर्ज करा दिए जाएंगे।