हरदोई। जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय ने बुधवार को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इससे दलालों में भगदड़ मच गई। एआरटीओ समेत छह कर्मचारी गैरहाजिर मिले, जिनके खिलाफ डीएम ने कार्रवाई की संस्तुति की है।
एआरटीओ कार्यालय में अनियमितता की मिल रही शिकायतों के मद्देनजर जिलाधिकारी बुधवार सुबह 10 :35 बजे कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने तत्काल कार्यालय के मुख्य द्वार का चैनल बंद करा दिया और वहां पर मिले कई लोगों से पूछताछ की।
निरीक्षण में कैशियर ज्ञानचंद्र मौर्या एवं चपरासी कृष्णकांत के अलावा कोई भी अधिकारी व कर्मचारी अपने पटल पर नहीं था। 10: 45 बजे उपसंभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन कार्यालय में आए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने उपसंभागीय परिवहन अधिकारी परिवर्तन एके मिश्रा सहित अनुपस्थित आशुलिपिक वीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ सहायक राजकुमार, कनिष्ठ लिपिक सतीश कुमार, निशांत श्रीवास्तव, जयप्रकाश व कृष्णचंद्र के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर संस्तुति की है।
लोगों ने बताए हालात तो डीएम का चढ़ गया पारा
सुशील दीक्षित ने डीएम को बताया कि लर्निंग लाइसेंस के लिए समस्त औपचारिकताएं 15 दिन पहले पूर्ण कर भुगतान रसीद प्राप्त कर ली थी, परंतु अभी तक उन्हें लाइसेंस नहीं मिला है। इसी प्रकार योगेश प्रताप ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस के लिए तीन माह पूर्व औपचारिकताएं पूर्ण कर दी थी, परंतु लाइसेंस अभी भी नहीं दिया गया। संदीप ने बताया कि उनकी लारी 15 अगस्त को पकड़ी गई थी, परंतु किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
डीएम बोले, दर्ज करा देंगे एफआईआर
जिलाधिकारी ने उपसंभागीय परिवहन कार्यालय प्रांगण का भी निरीक्षण किया। कार्यालय सहित प्रांगण में गंदगी देख तत्काल गंदगी साफ कराने एवं बिचौलियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि अगर बिचौलियों पर अंकुश न लगा तो उनके साथ ही संभागीय कार्यालय के स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
लर्निंग लाइसेंस की फीस व लर्निंग लाइसेंस जारी की समय सीमा पूछने पर उपसंभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन ने बताया कि लर्निंग लाइसेंस की फीस 30 रुपये, जबकि परमानेंट की फीस 300 रुपये है। बताया कि तीन दिन में सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराते हुए लाइसेंस डाक द्वारा जारी कर दिया जाता है।